कलेक्टर के निजी सहायक पर लगा गंभीर आरोप
धमतरी जिला कार्यालय धमतरी में पदस्थ एक स्टेनोटाइपिस्ट ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर कलेक्टर के निजी सहायक के खिलाफ शिकायत की है। स्टेनोटिपिस्ट ने निजी सहायक धनेंश कुमार साहू के विरुद्ध कथित दुर्व्यवहार, मानसिक प्रताड़ना, छेड़खानी, अतिरिक्त कार्य सौंपने, सामाजिक और कार्यालयीन छवि प्रभावित करने का आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, वह वर्ष 2013 से जिला कार्यालय धमतरी में स्टेनोटाइपिस्ट के पद पर कार्यरत है। आवेदन में बताया गया है कि वर्ष 2015 में धनेंश कुमार साहू के साथ ही जिला कार्यालय धमतरी में स्टेनोटाइपिस्ट के पद पर पदस्थापना हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि धनेंश कुमार साहू द्वारा कथित रूप से अनुचित व्यवहार एवं छेड़खानी किए जाने के कारण शिकायतकर्ता स्वयं को मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस कर रही है। आवेदन में कहा गया है कि उक्त व्यवहार के चलते उसे अपने कर्तव्यों के निर्वहन में असहजता का सामना करना पड़ता है तथा उसके मन में भय और असुरक्षा की भावना बनी रहती है।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि स्टेनोग्राफर-3 के पद पर पदोन्नति को लेकर धनेंश साहू द्वारा उसके विरुद्ध कथित रूप से विषम परिस्थितियां उत्पन्न करने का प्रयास किया जा रहा है। आवेदन में उसके संबंध में अन्य अधिकारियों के समक्ष कथित रूप से आपत्तिजनक बातें कहे जाने का भी उल्लेख किया गया है। जिससे उसकी सामाजिक एवं कार्यालयीन छवि प्रभावित होने की बात कही गई है।आवेदन में शिकायत कर्ता ने यह आरोप भी लगाया गया है कि अवकाश के दिनों में कार्य कराने के लिए शिकायतकर्ता को जिला कार्यालय स्थित कक्ष में बुलाया जाता था और कथित रूप से अकेले पाकर अनावश्यक एवं अनुचित बातें की जाती थीं।
शिकायतकर्ता ने पूर्व में भी कार्यालयीन स्थल पर इसी प्रकार के कथित व्यवहार का उल्लेख करते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की है।शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से पूरे मामले की जांच कराते हुए उसे कथित मानसिक प्रताड़ना एवं अनुचित व्यवहार से राहत दिलाने तथा कार्यालय में सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने कलेक्टर से मांग कि धनेश कुमार साहू के आपराधिक कृत्यो की उचित जांच कर उसके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही करते हुए एफआईआर दर्ज की जाए। इस संबंध में कलेक्टर, और आरोपित निज सहायक से बात करने की बात की गई पर संपर्क नहीं हो पाया।