शादी का सीजन शुरू होने के साथ ही बाल विवाह रोकने के लिए महिला एंव बाल विकास विभाग की टीम अलर्ट हो गई है। घोटगांव के एक युवक की उम्र 21 साल होने के पहले ही शादी की तैयारी थी। कार्ड भी छप गया था, टीम ने मौके पर पहुंचकर समझाया गया, जिसमें दोनों पक्ष शादी रोकने के लिए सहमत हुए। उनसे वचनपत्र भरवाया गया है।
बाल विवाह की सूचना पर जिला कार्यक्रम अधिकारी जगरानी एक्का के आदेश एवं आनंद पाठक जिला बाल संरक्षण अधिकारी के निर्देश पर जिला स्तरीय टीम संबंधित गांव पहुंची। युवक एवं युवती की मार्कशीट देखने पर युवक की उम्र 21 वर्ष से कम पाई गयी। विवाह 15 अप्रैल को होने वाला था, जिस पर उनके परिजनों को समझाया-बुझाया गया। उन्हें बताया गया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह करना कानूनी अपराध है। बाल विवाह किए जाने पर वर-वधु पक्ष समेत बाल विवाह में सम्मिलित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान है, जिसमें दो वर्ष की सजा एवं जुर्माना दोनों हो सकता है।
वर पक्ष ग्राम करमैया घोटगांव तहसील नगरी तथा वधु पक्ष ग्राम उरपुटी माडमसिल्ली तहसील धमतरी के निवासी हैं। दोनों पक्ष विवाह रोकने को सहमत हुए और वचन पत्र भरवाया गया कि लड़के की उम्र 21 वर्ष होने के बाद ही विवाह करेंगे। समस्त कार्रवाई में यशवंत बैस संरक्षण अधिकारी, प्रमोद अमृत विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन नीलम साहू आदि उपस्थित रहे।