धमतरी के गाड़ापारा में कथित गाय काटने के मामले में गांडा समाज ने प्रदर्शन कर कहा कि आरोपी उनकी जाति का नहीं बल्कि उड़ीसा के डोम समुदाय से है। समाज ने मोहल्ले का नाम बदलने और आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
शहर के गाड़ापारा में कथित रूप से गाय काटे जाने के मामले पर मूल छत्तीसगढ़िया सर्व गांडा समाज में भारी आक्रोश है। समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने गांडा जाति को बदनाम करने का आरोप भी लगाया है।
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समाज ने बताया कि हाल ही में धमतरी शहर के गांडा पारा में गाय काटने का कथित मामला सामने आया है। उन्होंने कहा कि इस घटना से उनका समाज काफी आहत हुआ है। उस जगह का नाम उनकी जाति से संबंधित होने के कारण यह आक्रोश बढ़ा है। समाज के अनुसार, कथित गाय काटने वाला व्यक्ति गांडा जाति का नहीं है। उस मोहल्ले में ओडिशा राज्य से आए डोम जाति के लोग निवास करते हैं।
ये लोग गांडा जाति में नहीं आते हैं। गांडा जाति के लोग कोटवारी, प्रकृति पूजक, बाजा बजाने और पशुपालन का काम करते हैं। इस घटना से उनकी पहचान पर सवाल उठ रहे हैं। समाज के लोगों ने धमतरी कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्टर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है।
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उनकी पहली और मुख्य मांग है कि गाड़ा पारा मोहल्ले में गहन जांच की जाए। यह पता लगाया जाए कि क्या वास्तव में उस मोहल्ले में गांडा जाति के लोग रहते हैं। यदि जांच में पाया जाता है कि गांडा जाति का कोई व्यक्ति वहां नहीं रहता है, तो उस मोहल्ले का नाम तुरंत बदला जाए। इसके साथ ही, कथित रूप से गाय काटने वाले व्यक्ति पर कठोर और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। समाज ने न्याय सुनिश्चित करने की अपील की है।
फिलहाल प्रशासन ने समाज की इन सभी मांगों पर गंभीरता से ध्यान दिया है। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद, प्रशासन द्वारा नियमानुसार उचित कार्रवाई करने की बात कही गई है। प्रशासन ने समाज के आक्रोश को समझते हुए त्वरित कदम उठाने का संकेत दिया है।