धमतरी में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले की प्रभावी विवेचना करने वाली पुलिस अधिकारी को भी सम्मानित किया जाएगा।
धमतरी जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर आर्थिक दंड भी लगाया है। मामले की प्रभावी विवेचना करने वाली पुलिस अधिकारी को सम्मानित करने की घोषणा की गई है।
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नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में धमतरी की विशेष अदालत ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। फैसले को बाल अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, मामले में कोतवाली थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(2), 351(2) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत अपराध दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी सुनील उर्फ चोवाराम उर्फ सुमीत डहरे (37 वर्ष), निवासी दानीटोला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना और उसे आजीवन कारावास के साथ 5 हजार रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया।
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इस प्रकरण की विवेचना उप निरीक्षक सरिता मानिकपुरी ने की थी। उन्होंने मामले में साक्ष्यों का वैज्ञानिक ढंग से संकलन कर सभी आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी कीं, जिसके परिणामस्वरूप अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ मजबूत केस प्रस्तुत करने में सफल रहा।
धमतरी पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने उत्कृष्ट विवेचना और सराहनीय कार्य के लिए उप निरीक्षक सरिता मानिकपुरी को सेवा पुस्तिका में पुरस्कार देकर सम्मानित करने की घोषणा की है। पुलिस ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के मामलों में त्वरित जांच, पीड़ितों को न्याय दिलाना और दोषियों को कठोर सजा दिलाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।