छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व, आपदा प्रबंधन, पुनर्वास एवं उच्च शिक्षा मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने गुरुवार शाम धमतरी कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और राजस्व मामलों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, स्वामित्व कार्ड, भूमि डायवर्सन जैसे राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आम नागरिकों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए जवाबदेही के साथ काम किया जाए।
उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ समय पर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। प्रशासन को संवेदनशील, पारदर्शी और जनहितैषी दृष्टिकोण अपनाते हुए कार्य करना चाहिए, ताकि शासन के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हो।
बैठक में राजस्व विभाग के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने सभी मामलों का नियमानुसार शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने पांच हितग्राहियों को स्वामित्व कार्ड और पांच लोगों को जाति प्रमाण-पत्र भी वितरित किए।
मानसून के मद्देनजर संभावित बाढ़ और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। बाढ़ संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी, राहत एवं बचाव दलों की सक्रियता, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और त्वरित राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
समीक्षा बैठक में स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कृषि, उद्योग, महिला एवं बाल विकास सहित कई विभागों के कार्यों की भी समीक्षा हुई। शिक्षा विभाग को विद्यार्थियों तक समय पर पाठ्यपुस्तक, गणवेश और साइकिल पहुंचाने के निर्देश दिए गए। वहीं कृषि विभाग को किसानों के लिए खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं, आयुष्मान कार्ड के उपयोग और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
बैठक के दौरान कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जिले में चल रही प्रमुख परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 200 बिस्तरीय मातृ-शिशु अस्पताल, नेत्र एवं ट्रॉमा सुविधा, कुरूद में 100 बिस्तरीय अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज, नगरी और मगरलोड में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार सहित कई परियोजनाओं पर कार्य जारी है।
उन्होंने यह भी बताया कि जिले में सड़क निर्माण, ऑडिटोरियम, इनडोर स्टेडियम, नालंदा परिसर, रेलवे, औद्योगिक पार्क और पर्यटन विकास से जुड़ी परियोजनाओं को अगले दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, औद्योगिक पार्क, दुग्ध संग्रहण, महिला एवं बाल विकास योजनाएं, ई-केवाईसी, पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।