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धमतरी में 'भूपेश बघेल निवास': CM के नाम किया किसान ने अपना घर, बताई यह वजह; मुख्यमंत्री ने जताया आभार

Tue, 16 May 2023 03:35 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धमतरी

सार

परिवार के मुताबिक किसान बलराम देवांगन तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। तीनों भाइयों को मिलाकर करीब 15 एकड़ जमीन है। इनमें अकेले बलराम के पास करीब चार एकड़ से अधिक जमीन है। खेती किसानी कार्य में काफी कर्जा था। कर्जामाफी से उन्हे बड़ी राहत मिली थी।
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किसान ने बनावाया भूपेश बघेल निवास। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सरकारी निवास है। दूसरा दुर्ग जिले के पाटन में है, जो उनका खुद का आवास है। लेकिन धमतरी जिले में भी 'भूपेश बघेल निवास' है। जिसे बहुत कम लोग जानते हैं। यह निवास एक किसान का घर है, जिस पर उसने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम लिखवा दिया है। किसान ने इसकी वजह भी बताई है। फिलहाल उनका निवास सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। तस्वीरें सामने आने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इसके के लिए किसान का आभार जताया है। 

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योजना में पांच लाख का कर्ज हुआ था माफ
दरअसल, यह सारा मामला धमतरी जिले के भोयना गांव का है। प्रदेश में भूपेश बघेल सरकार बनते ही किसानों के कर्जमाफी की घोषणा की गई थी। इस योजना में भोयना गांव के किसान बलराम देवांगन को भी लाभ मिला है। योजना के तहत उनका करीब पांच लाख रुपये का कर्ज माफ किया गया। कर्जमाफी के रुपयों से किसान बलराम देवागंन अपने सपने को पूरा करने के लिए तीन कमरों का मकान बनवाना शुरू किया, लेकिन कोरोना काल में उनकी मौत हो गई। इससे उनका सपना अधूरा रह गया। 
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मकान बनवाने के दौरान बीच में हुआ निधन
किसान के भाई अशोक कुमार बताते हैं कि बलराम इस मकान को बनवाकर इसका नाम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रखना चाहते थे। इस बीच अचानक उनकी मौत हो गई। ऐसे में भाई बलराम की अंतिम इच्छा अधूरी रह गई। इसे पूरा करने के लिए पूरा परिवार एक साथ आ गया। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए तीन कमरे के अधूरे मकान का निर्माण पूरा कराया। मकान बनने के बाद अब उनके परिवार के सदस्यों ने इसका नाम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल निवास रखा है। इसके बाद यह मकान पूरे प्रदेश में चर्चित हो गया है। 

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किसान पर बड़ा कर्जा था, माफी से मिली थी राहत
किसान अशोक कुमार ने बताया कि, राजीव गांधी न्याय योजना के तहत बोनस की राशि भी उन्हे लगातार मिल रही है। इसके अलावा सरकार की गोबर खरीदी योजना के तहत गोबर भी बेच रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। परिवार के मुताबिक किसान बलराम देवांगन तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। तीनों भाइयों को मिलाकर करीब 15 एकड़ जमीन है। इनमें अकेले बलराम के पास करीब चार एकड़ से अधिक जमीन है। खेती किसानी कार्य में काफी कर्जा था। कर्जामाफी से उन्हे बड़ी राहत मिली थी।
 
मुख्यमंत्री ने कहा- भरोसा बरकरार रहेगा
दूसरी ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी ट्वीट कर किसान के प्रति आभार जताया है। उन्होंने मृत किसान बलराम देवांगन को श्रद्धांजलि भी अर्पित की है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि, अशोक कुमार देवांगन जी के इस प्यार के लिए उनके पास शब्द नहीं हैं। आपके भाई स्व. बलराम देवांगन जी को विनम्र श्रद्धांजलि। वादा है कि भरोसा बरकरार रहेगा।
 

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