12 वर्षीय मासूम बच्ची की हुई मौत
- फोटो : अमर उजाला
धमतरी जिले में लगातार बारिश के बाद नदी-नालों में आए उफान के बीच 12 वर्षीय छात्रा महानदी के तेज बहाव में लापता हो गई थी। तीन दिन तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद मंगलवार, 29 सितंबर को उसका शव ग्राम सौंगा के पास बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना ग्रामीणों ने मगरलोड पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मामला मगरलोड थाना क्षेत्र के ग्राम मेघा का है। यहां की तराना निषाद (12 वर्ष), पिता उदेराम, कक्षा सातवीं की छात्रा थी। जानकारी के अनुसार, वह 26 सितंबर की सुबह करीब 8:30 बजे महानदी में आई बाढ़ देखने के लिए घर से निकली थी।
नाले के तेज बहाव में बहने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मेघा पेट्रोल पंप के पास स्थित नाले के किनारे बच्ची का पैर फिसल गया। इसके बाद वह पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने बच्ची को बचाने और उसकी तलाश करने की कोशिश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। बच्ची के महानदी में बह जाने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और तलाश अभियान शुरू किया।
पुलिस और एसडीआरएफ ने चलाया सर्च ऑपरेशन
लापता छात्रा की तलाश के लिए पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने संभावित इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया। महानदी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बच्ची की तलाश की गई, लेकिन तीन दिनों तक कोई सुराग नहीं मिला। इस दौरान परिवार और ग्रामीण बच्ची के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए रहे।
पानी कम हुआ तो दिखा शव
29 सितंबर को महानदी का जलस्तर कम होने के बाद ग्राम सौंगा के पास बच्ची का शव दिखाई दिया। ग्रामीणों ने तत्काल मगरलोड पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी प्रमोद अमलतास, प्रधान आरक्षक जैतराम जोगी और आरक्षक किशन सोनकर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए मगरलोड अस्पताल भेज दिया। बच्ची की मौत की खबर के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। वहीं पूरे गांव में शोक का माहौल है।