पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने सिविल लाइंस स्थित सी–4 भवन में रायपुर जिले के सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक ली। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह भी मौजूद रहे।
पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने सिविल लाइंस स्थित सी–4 भवन में रायपुर जिले के सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक ली। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह भी मौजूद रहे। बैठक में DGP ने बेसिक पुलिसिंग को मजबूत करने पर जोर देते हुए बताया कि शाम के समय भीड़भाड़ वाले और सुनसान स्थानों में पुलिस की उपस्थिति अनिवार्य है। अपराध डायजेस्ट का अवलोकन कर अधिकारियों को अपराधों के संधारण और नियमित पर्यवेक्षण से संबंधित दिशा–निर्देश भी दिए गए।
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DGP ने कहा कि कम्यूनिटी पुलिसिंग के जरिए अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने VIP मूवमेंट, कानून व्यवस्था और धरना–प्रदर्शन जैसी ड्यूटी को शांति और पेशेवर तरीके से संपादित करने पर बल दिया। महिला और बाल अपराधों को गंभीरता से लेने के निर्देश देते हुए DGP ने आरोपियों पर त्वरित कार्रवाई और पीड़ितों को तुरंत राहत दिलाने पर जोर दिया। महिला संबंधी मामलों में 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने और साइबर अपराध पीड़ितों की हर संभव मदद करने की बात कही गई।
बैठक में यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने, रात्रि गश्त को और मजबूत करने तथा धोखाधड़ी के मामलों की विवेचना में गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को सीसीटीएनएस, नए ऐप और पोर्टल्स का अधिक उपयोग कर कार्य प्रक्रिया को सरल बनाने की सलाह दी गई। DGP ने कहा कि पुलिस कर्मियों की वर्दी, आचरण और प्रोफेशनल वर्क कल्चर जनता में विश्वास बढ़ाते हैं। तेजी से बदलते वातावरण में नई तकनीक और नई पीढ़ी की सोच के साथ तालमेल बैठाकर काम करने पर जोर दिया गया। बड़े औद्योगिक क्षेत्रों और अग्निकांड संभावित इलाकों में आकस्मिक घटनाओं के लिए रिस्पांस प्लान बनाने के निर्देश भी दिए।