डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने की मुलाकात
- फोटो : अमर उजाला
सुकमा जिले के पुनर्वास केंद्र में आत्मसमर्पण कर चुके पूर्व नक्सलियों के जीवन में अब सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। बंदूक छोड़कर ये युवा अब औजार और खेती के उपकरण थाम रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने इन युवाओं से मुलाकात कर उनके अनुभव सुने और पुनर्वास के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए। तीन माह से राजमिस्त्री, कृषि उद्यम और अन्य कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं ने 'भारत माता की जय' के नारों के साथ उपमुख्यमंत्री का स्वागत किया।
युवाओं ने बताया कि वे पहले गुमराह विचारधारा का हिस्सा थे, लेकिन अब लोकतंत्र और विकास की मुख्यधारा में शामिल होकर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आत्मसमर्पित युवाओं को पुनर्वास केंद्र में ही आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड और बैंक खाता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।मनोरंजन और आत्मविश्वास बढ़ाने की पहल पुनर्वास केंद्र में प्रशिक्षण के साथ-साथ खेलकूद, देशभक्ति फिल्में और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी शामिल किया जाएगा।
आत्मसमर्पित युवाओं को रायपुर और जगदलपुर जैसे शहरों की सैर कराकर बाहरी दुनिया से परिचित कराने की योजना है। शिक्षा से वंचित युवाओं के लिए साक्षरता कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ रोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकें।इस अवसर पर जनप्रतिनिधि धनीराम बारसे, राज्य महिला आयोग की सदस्य दीपिका सोरी, जिला पंचायत सदस्य हुंगाराम मरकाम, पंचायत विभाग के सचिव भीम सिंह, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी पी. सुंदरराज, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, एसपी किरण गंगाराम चव्हाण और सीईओ जिला पंचायत नम्रता जैन सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।