छत्तीसगढ़ में आदिवासी क्षेत्रों में संचालित विकास और कल्याणकारी योजनाओं की निगरानी को मजबूत करने के लिए आदिम जाति विकास विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
छत्तीसगढ़ में आदिवासी क्षेत्रों में संचालित विकास और कल्याणकारी योजनाओं की निगरानी को मजबूत करने के लिए आदिम जाति विकास विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। विभाग ने तीन अपर संचालकों का तबादला करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
विज्ञापन
विभागीय आदेश के अनुसार यह कदम अनुसूचित क्षेत्रों में योजनाओं के बेहतर संचालन, प्रभावी मॉनिटरिंग और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। नई पदस्थापनाओं के माध्यम से बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर संभाग में जनजातीय विकास से जुड़ी गतिविधियों को और अधिक गति देने का प्रयास किया जाएगा।
आदेश में कहा गया है कि विशेष केंद्रीय सहायता योजना (बस्तर पैकेज), धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान, प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन), वन अधिकार अधिनियम-2006 और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय जैसी प्रमुख योजनाओं के संचालन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विज्ञापन
इसके अलावा विभागीय छात्रावासों और आश्रमों के प्रबंधन, संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत स्वीकृत विकास कार्यों तथा एकीकृत आदिवासी विकास प्राधिकरण (आईटीडीए) की योजनाओं की नियमित समीक्षा और पर्यवेक्षण भी नई जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में शामिल रहेगा।