छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के एक गांव के पुराने पंचायत भवन के एक छोटे से कमरे में बंद लगभग 43 गायों की दम घुटने से मौत हो गई। बिलासपुर कलेक्टर सारांश मित्तर ने शनिवार को बताया कि यह मामला ग्रामीणों के पंचायत भवन के कमरे से बदबू आने के बाद सामने आया।
उन्होंने बताया कि तखतपुर विकास खंड के मेदपार गांव के पुराने पंचायत भवन के एक कमरे में कुल 60 गायें बंद थीं। गायों को कमरे में क्यों और कब बंद किया गया, इसके लिए पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि जब तक जिले के अधिकारी और पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे, तब तक 43 गायों की मौत हो चुकी थीं, जबकि दो की मौत बाद में हुई।
अधिकारी ने बताया कि शव परीक्षण में गायों की मौत दम घुटने से होने का खुलासा हुआ, शेष 15 गायों की हालत स्थिर है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने बिलासपुर के अतिरिक्त कलेक्टर की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है, जो इस घटना की जांच करेगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने आईपीसी की धारा 429 और पशु क्रू रता अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए बिलासपुर कलेक्टर को जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
विपक्षी भाजपा ने गायों की मौतों के लिए सत्तारूढ़ कांग्रेस को दोषी ठहराते हुए मवेशियों के लिए सभी कल्याणकारी योजनाओं के केवल कागजों पर होने का आरोप लगाया है।