जिस उमर में मां को बेटी की शादी की फिकर होनी चाहिए, उस उमर में छत्तीसगढ़ के रायपुर की मेधा ने अपनी मां की शादी कराई। मां विवाह में फेरे ले रही थी और 17 साल की मेधा अपनी मां के विवाह की रस्में अदा कर रही थी।
शादी में शरीक हुए लोग खुशी से नम आखों से दुल्हन बनी बीना आर.पिल्लई को नवजीवन की शुभकामनाएं दे रहे थे।
ऐसे तलाशा पिता मेधा ने फेसबुक पर मां के लिए जीवन साथी तलाशा। अपनी पॉकेट मनी से एक अखबार में विज्ञापन भी तलाशा। बहुत दौड़ धूप के बाद मेधा ने अपनी मां के लिए एक वर चुन ही लिया।
चार साल की जिद मेधा ने मां से साल साल लगातार जिद की, तब उनकी मां शादी के लिए तैयर हुईं और शुक्रवार को मां के हाथ पीले किए।
2008 में ब्रेन हैमरेज से मेधा के पिता की मृत्यु हो गई थी। उसके बाद वे अपनी मां के अकेलेपन से दुखी रहने लगीं। और एक दिन उन्होंने अपनी मां से दुबारा शादी करने के लिए कहा तो उन्हें खूब डांट पड़ी।
लेकिन मेधा की लगातार जिद से एक दिन मां ने झल्लाकर कहा कि ठीक है लेकिन मैं एक ही समुदाय में विवाह करूंगी।
लेकिन इसके बाद उन्होंने भोपाल के रहने वाले अजय नायर की मुलाकात मां से कराई और दोनों को विवाह के लिए राजी कराया।