फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दंतेवाड़ा ने रचा कीर्तिमान: मिला 'सर्वश्रेष्ठ जिला' का अवॉर्ड,प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना में बड़ी उपलब्धि

Tue, 13 Oct 2026 08:52 AM IST
Lalit Kumar Singh अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर फिर सफलता हासिल की है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना के उत्कृष्ट एवं प्रभावी योगदान के लिए दक्षिण बस्तर यानी  दंतेवाड़ा को देशभर में ‘सर्वश्रेष्ठ जिला’ का प्रतिष्ठित अवॉर्ड मिला है।
विज्ञापन
सम्मान लेते कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव और उप संचालक कृषि सूरज कुमार पंसारी - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर फिर सफलता हासिल की है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना के उत्कृष्ट एवं प्रभावी योगदान के लिए दक्षिण बस्तर यानी  दंतेवाड़ा को देशभर में ‘सर्वश्रेष्ठ जिला’ का प्रतिष्ठित अवॉर्ड मिला है। नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया। जिले की ओर से कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव और उप संचालक कृषि सूरज कुमार पंसारी ने संयुक्त रूप से पुरस्कार ग्रहण किया।
विज्ञापन



मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर दंतेवाड़ा जिले के किसानों, जिला प्रशासन और कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। सीएम साय ने कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ के मेहनतकश अन्नदाताओं के परिश्रम, शासन की किसान कल्याणकारी नीतियों और प्रशासनिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा किबस्तर जैसे आदिवासी बहुल अंचल में कृषि विकास की यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने दंतेवाड़ा जिले को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए किसानों एवं कृषि विभाग की पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादकता में वृद्धि, उन्नत कृषि तकनीकों के विस्तार और परंपरागत खेती को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। दंतेवाड़ा की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि सुनियोजित प्रयासों, विभागीय समन्वय और किसानों की सक्रिय सहभागिता से वनांचल एवं आदिवासी क्षेत्रों में भी कृषि विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें