छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा विधानसभा सीट पर सोमवार को उपचुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। सुबह सात बजे से शुरू हुए मतदान में निर्धारित समय सीमा दोपहर तीन बजे तक 53.25 फीसदी वोट पड़े। पूरे जिले में 273 मतदान केंद्रों पर वोट डाले गए। इस साल अप्रैल में नक्सली हमले में भाजपा विधायक भीमा मंडावी की मौत के बाद यहां उपचुनाव हुए हैं। मतों की गिनती 27 सितंबर को होगी।
दंतेवाड़ा सीट पर असली लड़ाई दिवंगत विधायक भीमा मंडावी की पत्नी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा के बीच रही। इनके अलावा सात अन्य उम्मीदवार भी मैदान में थे। अधिकारियों के मुताबिक कुछ केंद्रों पर ईवीएम में खराबी के कारण मतदान कुछ देरी से शुरू हुआ। हालांकि बाद में मतदान सामान्य हुआ। पुलिस के मुताबिक दो दिन पहले समर्पण करने वाले नक्सली कंचा भीमा और नीलू ने भी मतदान में हिस्सा लिया।
वहीं चिकपाल मतदान केंद्र में पीठासीन अधिकारी चंद्रपकाश ठाकुर की सुबह छह बजे दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। सुरक्षा के लिए क्षेत्र में अर्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस के लगभग 18 हजार जवानों को तैनात किया गया था और ड्रोन से भी निगरानी रखी गई।
दंतेवाड़ा में कुल 1,88,263 मतदाता हैं। जिनमें 89747 पुरुष मतदाता तथा 98876 महिला मतदाता शामिल हैं। 2018 में बस्तर क्षेत्र की 12 विधानसभा सीटों में से सिर्फ दंतेवाड़ा में भाजपा को जीत मिली थी। भाजपा विधायक भीमा मंडावी ने कांग्रेस की देवती कर्मा को 2172 मतों से हराया था।