फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Raipur News: वक्फ बोर्ड अध्यक्ष के नाम पर साइबर ठगी, व्हाट्सऐप हैक कर समर्थकों से 13 लाख रुपये ऐंठे

Thu, 18 Jun 2026 12:36 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

साइबर अपराधियों ने इस बार वक्फ बोर्ड अध्यक्ष के नाम का इस्तेमाल कर बड़ी ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया है। व्हाट्सऐप अकाउंट हैक कर आरोपियों ने मदद के नाम पर लोगों से पैसे मांगे और देखते ही देखते करीब 13 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छत्तीसगढ़ में साइबर अपराधियों ने इस बार वक्फ बोर्ड अध्यक्ष के नाम का इस्तेमाल कर बड़ी ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया है। व्हाट्सऐप अकाउंट हैक कर आरोपियों ने मदद के नाम पर लोगों से पैसे मांगे और देखते ही देखते करीब 13 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए। मामले का खुलासा होने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन


पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, साइबर ठगों ने छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के मोबाइल नंबर को निशाना बनाया और उनके व्हाट्सऐप अकाउंट का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। इसके बाद ठगों ने उनके मोबाइल में मौजूद संपर्क सूची के लोगों को व्यक्तिगत संदेश भेजने शुरू कर दिए।

मैसेज में अस्पताल से जुड़ी आपात स्थिति का हवाला देते हुए तत्काल आर्थिक सहायता की मांग की गई। किसी से 50 हजार रुपये तो किसी से एक लाख रुपये तक भेजने का अनुरोध किया गया। चूंकि उस समय डॉ. सलीम राज का मोबाइल नंबर बंद था, इसलिए कई लोगों को लगा कि संदेश वास्तव में उन्हीं की ओर से भेजे गए हैं। भरोसे में आकर लोगों ने बताए गए बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कर दी।
विज्ञापन


कुछ समय बाद जब डॉ. सलीम राज को अपने मोबाइल और व्हाट्सऐप के दुरुपयोग की जानकारी मिली, तब उन्होंने परिचितों और समर्थकों को सतर्क किया कि उनके नाम से भेजे जा रहे संदेश फर्जी हैं और किसी प्रकार का भुगतान न करें। इसके बाद पूरे मामले की शिकायत सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि साइबर अपराधियों ने अलग-अलग लोगों से कुल करीब 13 लाख रुपये की ठगी की है। पुलिस अब बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की पड़ताल कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

दरअसल, प्रदेश में साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अपराधी कभी बैंक अधिकारी बनकर, कभी रिश्तेदार बनकर तो कभी प्रतिष्ठित व्यक्तियों के नाम का सहारा लेकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी व्हाट्सऐप संदेश या फोन कॉल पर भरोसा कर पैसे भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति से दूसरे माध्यम से पुष्टि जरूर करनी चाहिए।

त्योहारी सीजन और ऑनलाइन लेन-देन बढ़ने के दौरान ऐसे मामलों का खतरा और अधिक बढ़ जाता है। नकली वेबसाइट, फर्जी टिकट बुकिंग पोर्टल, आकर्षक ऑफर वाले लिंक और फर्जी यूपीआई अनुरोध के जरिए साइबर ठग लोगों की निजी और बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव माना जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें