बलरामपुर-रामानुजगंज जिला मुख्यालय से मात्र पांच किलोमीटर दूर स्थित सकेतवा बांध में बीते दो दिनों की मूसलाधार बारिश के कारण पानी लबालब भर गया, जिससे बांध में दरार पड़ने से हड़कंप मच गया। सुरक्षा के मद्देनजर 25 से अधिक घरों को खाली कराया गया। सूचना मिलते ही देर रात जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव, भाजपा युवा मोर्चा के वरिष्ठ नेता अंश सिंह, प्रशासनिक टीम, पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची।
बांध के पानी को निकालने के लिए रातभर वैकल्पिक नहर बनाने का कार्य किया गया, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। यदि मूसलाधार बारिश होती है तो बांध टूटने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन की टीम मौके पर तैनात है। गौरतलब है कि सकेतवा बांध, जो चनान नदी के उद्गम स्थल पर स्थित है, अपनी खूबसूरती और विशालता के लिए जाना जाता है। यह बांध पवई फल के नीचे बसे ग्राम जमुआटांड, खड़ियाडामर, बुद्धडीह और डूमरखोरका को प्रभावित करता है।
दो दिन पहले हुई भारी बारिश के कारण बांध में पानी का दबाव बढ़ गया, जिससे मुख्य हिस्से में दरारें आ गईं। स्थानीय ग्रामीणों ने देर रात प्रशासन, पुलिस और जनप्रतिनिधियों को सूचना दी। इसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए एसडीआरएफ की टीम ने 25 से अधिक घरों को खाली करवाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।एसडीएम आनंद नेताम ने बताया कि बांध का पानी निकालने के लिए रातभर आउटलेट तैयार किया गया और कार्य अभी भी जारी है। ऐहतियातन निचले इलाकों के घरों को खाली करा लिया गया है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
खतरा अभी बरकरार
जल संसाधन विभाग के अनुसार, बांध में पानी का दबाव बढ़ने से दरारें आई हैं। यदि मूसलाधार बारिश होती है, तो बांध टूटने का खतरा है। विभाग को सतर्क रहने की आवश्यकता है।