राजधानी रायपुर स्थित मरीन ड्राइव में घूमने और समय बिताने आने वाले लोगों को अब वाहन पार्क करने के लिए शुल्क देना पड़ेगा है। नगर निगम ने इस योजना को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए तालाब के पाथवे से सटे इलाकों में दो से तीन स्थानों पर पार्किंग शुल्क से जुड़े बोर्ड भी लगा दिए हैं, जिससे संकेत मिल रहा है कि व्यवस्था जल्द शुरू हो सकती है।
नगर निगम का कहना है कि मरीन ड्राइव क्षेत्र में रेस्टोरेंट और होटल में समय बिताने आने वाले लोग अपनी गाड़ियां बेतरतीब तरीके से खड़ी कर देते हैं, जिससे यातायात और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित होती है। इसी अव्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए निगम ने दोपहिया वाहनों के लिए 10 रुपए और चारपहिया वाहनों के लिए 20 रुपए पार्किंग शुल्क तय किया है। महापौर ने निरीक्षण के दौरान इसे व्यवस्था सुधारने की जरूरत बताया।
हालांकि, इस फैसले को लेकर एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो रहा है क्योंकि जिस इलाके में पार्किंग शुल्क वसूलने की तैयारी की जा रही है, वहां फिलहाल किसी तरह का घोषित या चिन्हित पार्किंग स्थल मौजूद नहीं है। मरीन ड्राइव के पास की सड़क को पहले लोगों की सुविधा के लिए चौड़ा किया गया था और वहीं पैदल घूमने के लिए बनी लेन के किनारे लोग अपनी गाड़ियां खड़ी करते रहे हैं। अब उसी स्थान को पार्किंग क्षेत्र मानकर शुल्क वसूलने की तैयारी की जा रही है।
महापौर एजाज ढेबर चौबे का कहना है कि यह निर्णय निगम की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से नहीं लिया गया है, बल्कि मरीन ड्राइव पर आने वाले आम लोगों को बेहतर और सुरक्षित व्यवस्था देने के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मॉर्निंग वॉक के लिए आने वाले लोगों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
हालांकि, मॉर्निंग वॉक करने वालों को लेकर समय सीमा को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। निगम की ओर से यह तय नहीं किया गया है कि सुबह किस समय तक मॉर्निंग वॉक की श्रेणी में छूट दी जाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में इस व्यवस्था को लेकर और दिशा-निर्देश जारी किए जाने की संभावना जताई जा रही है।