रायपुर की मुख्य चिकित्सा अधिकारी मीरा बघेल ने कहा कि कोई भी अनुमान नहीं लगा सकता था कि एक ही बार में इतनी सारी मौतें होंगी। हम ये नहीं समझ पा रहे हैं कि एक से दो मौतों की जगह 10 से 20 मौतों की रिपोर्ट कैसे सामने आ रही है। एक साथ इतने लोगों के शव का फ्रीजर में इंतजाम कर पाना नामुमकिन है।
लक्षण नहीं, फिर अचानक तेजी से बिगड़ रही तबीयत
अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, कोरोना संक्रमण के खिलाफ जंग हम लगभग जीत चुके थे। होम आइसोलेशन जैसे उपाय बेहद कारगर थे, लेकिन कोरोना की ये नई लहर समझ से परे है। कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां रोगियों में लक्षण भी नहीं हैं और उनकी तबीयत भी तेजी से बिगड़ी है। बाद में दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई है।
प्रतिदिन 55 शवों का हो रहा अंतिम संस्कार
एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि रायपुर में हर दिन करीब 55 शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इनमें से ज्यादातर की मौत कोरोना से हुई है।