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GPM News: पंचायत चुनाव के पहले मतदाता सूची को लेकर विवाद शुरू, बड़ी संख्या में एसडीएम कार्यालय पहुंचे ग्रामीण

Thu, 16 Jan 2025 01:47 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही

सार

पंचायत चुनाव के पहले मतदाता सूची को लेकर विवाद शुरू हो गया है। पकरिया ग्राम पंचायत के कई ग्रामीणों ने एसडीएम और जनपद पंचायत सीईओ कार्यालय पहुंचकर उनका नाम काटने की शिकायत दर्ज कराई है। 
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कार्यालय पहुंचे ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंचायत चुनाव के पहले मतदाता सूची को लेकर विवाद शुरू हो गया है। गौरेला जनपद के पकरिया ग्राम पंचायत के कई ग्रामीणों ने एसडीएम और जनपद पंचायत सीईओ कार्यालय पहुंचकर उनका नाम काटने की शिकायत दर्ज कराई है। मामले में पंचायत सचिव पर फर्जी आवेदन पत्र लेकर मतदाता सूची में हेरफेर करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम ने पूरे मामले पर जांच अधिकारी नियुक्त कर रिपोर्ट मांगी है।

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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तिथियां अभी घोषित नहीं हुई हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर चुनाव को लेकर सारी तैयारियां की जा रही है। इसमें मतदाता सूची में नाम जोड़ना, हटाना, संशोधन करना एवं उसके बाद सूचियो का प्रकाशन शामिल है। इसी क्रम में गौरेला जनपद के पकरिया ग्राम पंचायत में मतदाता सूची के प्रथम प्रकाशन के बाद विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। ग्राम पंचायत के कई वार्ड के मतदाताओं का नाम या तो दूसरे वार्डों में जोड़ दिया गया या हटा दिया गया। इसके बाद पहले ग्राम पंचायत में विवाद हुआ। 

विवाद बढ़ा तो पूरा मामला जनपद और एसडीएम तक पहुंचा। ग्राम पंचायत की महिला पुरुषों सहित लगभग दो दर्जन लोग एसडीएम कार्यालय एवं जनपद सीईओ के पास पहुंचकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उनका नाम उनके पूर्व वार्डो से हटाने या विलोपित करने का आरोप पंचायत सचिव पर लगाया। जनपद सीईओ के कार्यालय में मौजूद ग्राम पंचायत पकरिया के सचिव पर आक्रोशित महिलाएं बरस पड़ीं। उन्होंने न सिर्फ उनका नाम हटाने के लिए उसे लताड़ लगाई, बल्कि नाम हटाने के लिए उनके द्वारा किए गए आवेदन की को सार्वजनिक करने की मांग की। 
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दरअसल नियमानुसार यदि किसी व्यक्ति का नाम हटाना या संशोधन किया जाना है तो बीएलओ के पास उसका आवेदन होना आवश्यक है। आवेदन के परीक्षण के बाद ही सूची में जोड़ना, हटाना या संशोधन किया जा सकता है। जानकारी के अनुसार किसी ने साजिश करते हुए लगभग 50 लोगों के फर्जी आवेदन पत्र सचिव के पास पहुंचा दिए। सचिव ने भी उनका परीक्षण किए बगैर उसे सीधे बीएलओ के माध्यम से मतदाता सूची संशोधन टीम तक पहुंचा दिया और सभी का संशोधन हो गया। उसके बाद जब सूची का प्रकाशन हुआ तब विवाद हुआ। हालांकि पूरे मामले पर अनुविभागीय अधिकारी एसडीएम का कहना है कि मामला गंभीर है, इसलिए पूरे मामले पर करारोपण अधिकारी को जांच अधिकारी बनकर रिपोर्ट मांगी गई है। मामले में जो भी दोषी होगा, उस पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।

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