राज्य के अधिकांश कांग्रेस विधायक नक्सली हमले के विरोध में अगले माह से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र का बहिष्कार करने के पक्ष में हैं। पार्टी से इस मसले पर विचार मंथन शुरू कर दिया है।
विधानसभा का सत्र आगामी 15 जुलाई से शुरू होकर 19 जुलाई तक होगा और सदन की कुल पांच बैठकें होगीं। सत्र की अधिसूचना जारी होने के साथ ही कांग्रेस के भीतर इसके बहिष्कार की मांग जोर पकड़ने लगी है।
विधायकों का एक बड़ा वर्ग जहां बहिष्कार के पक्ष में है वहीं कुछ विधायक नक्सली हमले में शहीद नेताओं को दी जाने वाली श्रद्वांजलि में हिस्सा लेने के पक्षधर हैं।
कांग्रेस विधायक दल के उपनेता रामपुकार सिंह, वरिष्ठ विधायक धर्मजीत सिंह, टी एस सिंहदेव, डा. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने अलग-अलग बातचीत में कहा कि उनकी व्यक्तिगत राय बहिष्कार के पक्ष में है पर कांग्रेस विधायक दल का जो भी सामूहिक निर्णय होगा, उसे वह मंजूर करेंगे।
प्रदेश कांग्रेस के कार्यक्रम समन्वयक भूपेश बघेल का कहना है कि कुछ विधायकों ने बहिष्कार की बात जरूर की है पर इस बारे में कोई भी अन्तिम निर्णय कांग्रेस विधायक दल को करना है।