हाल मे संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में छत्तीसगढ़ के नक्कल प्रभावित क्षेत्रों में कांग्रेस को मिले जबरदस्त वोटो का श्रेय मनरेगा के तहत किये गए नकद भुगतान का नतीजा बताया गया है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश का दावा है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मनरेगा कामगारों को काम के बाद तत्काल नकद भुगतान किए जाने का फायदा कांग्रेस को हुआ है।
उन्होंने माना कि राज्य सरकारो के मनरेगा का भुगतान समय पर न किए जाने के कारण कामगारों की दिलचस्पी कम हुई है। जिसके चलते पार्टी को अपेक्षित फायदा नहीं मिला है।
रमेश ने बताया कि मनरेगा के तहत 15 दिन में कामगारों को भुगतान किया जाना जरूरी है। लेकिन कोई भी राज्य सरकार इस पर गंभीरता से अमल नहीं कर रही है। इसके कारण मनरेगा कामगारों का रूझान पहले जैसा नहीं रह गया है।
इसी के चलते केंद्र सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मनरेगा कामगारों को बैंक या डाकघर के बजाए तत्काल नकद भुगतान दिए जाने की व्यवस्था शुरू की थी। इससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मनरेगा कामगारों को हाथ के हाथ पैसा मिल रहा है। केंद्र सरकार के इस कदम का पिछले दिनों संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के नतीजो के रूप में देखने को मिला है।
जयराम का कहना है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कांग्रेस को खासे वोट मिले हैं। इसके चलते छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ज्यादातर कांग्रेसी उम्मीदवार विजयी हुए हैं।
उन्होंने कहा कि मनरेगा कामगारों को तत्काल पैसा मिल सके। इसके लिए केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं। लेकिन राज्य सरकारो की उदासीनता के चलते मनरेगा कामगारों को इसका फायदा नहीं मिल रहा है।
बैंक व डाकघरों के जरिए भुगतान की व्यवस्था इसी कदम के तहत की गई है। लेकिन ज्यादातर राज्यों में मनरेगा कामगारों को पैसा मिलने के लिए दो से तीन महीनों का इंतजार करना पड़ रहा है।