महादेव सट्टा एप को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर पलटवार किया है। मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि इस मामले के आरोपी सौरभ चंद्राकर को प्रत्यार्पण बहुत देरी से की गयी। ये बहुत छोटी कार्रवाई है। उसे ओमान से भारत लाया जाना संभव हो सका, तो उसके पीछे कांग्रेस की भूपेश सरकार के ठोस प्रयास है। महादेव सट्टा एप के खिलाफ पहली एफआईआर से लेकर 72 एफआईआर तक दर्ज करने की ठोस कार्यवाहियां कांग्रेस की सरकार ने किया था।
उन्होंने कहा कि 500 से अधिक संपत्ति जब्तियां और गिरफ्तारियां भी कांग्रेस की सरकार ने ही किया था। सौरभ चंद्राकर को तो लाया गया है, लेकिन रवि उप्पल, शुभम सोनी को कब लाया जायेगा? महादेव सट्टा एप को गूगल प्ले पर से कांग्रेस की भूपेश सरकार के अनुरोध पर ही हटाया गया था। कांग्रेस की सरकार के समय ही रायपुर पुलिस की अर्जी पर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी हुआ था। गेमिंग एप के खिलाफ सख्त कानून भी कांग्रेस की भूपेश सरकार ने ही बनाया था। इसके पहले तो गेमिंग सट्टा एप के खिलाफ भारत में कोई कानून ही नहीं था।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज ने कहा कि महादेव सट्टा एप को लेकर भाजपा ने विधानसभा चुनाव के पहले खूब प्रोपेगंडा किया लेकिन डबल इंजन की सरकार के बाद भी पिछले तीन साल से महादेव सट्टा एप क्यों बंद नहीं हुआ? आज भी महादेव सट्टा एप के विज्ञापन सोशल मीडिया साइट्स पर उपलब्ध है। दिसंबर 2025 में महादेव एप मामले में तीन बड़े नाम सामने आए थे-प्रधानमंत्री के करीबी और पीएमओ के वरिष्ठ अधिकारी हीरेन जोशी, 23वें वित्त आयोग के सदस्य हितेश जैन और प्रसार भारती के अध्यक्ष नवनीत सहगल ने किसके कहने पर इन लोगों ने महादेव सट्टा एप को संरक्षण दिया।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा आर्थिक सेल के पूर्व संयोजक विकास गर्ग की भूमिका भी जगजाहिर है। पिछले तीन वर्षों में महादेव सिंडिकेट में कई ऑनलाइन सट्टा पैनल सक्रिय है। इनमें रेड्डी अन्ना, रेड्डी क्लब, FBBET77, CBFTE ऑनलाइन बुक, बेटभाई बुक, फेयरप्ले, सुपरविन, विनबज, जन्नत बुक, महाकाल बुक, राजवीर ऑनलाइन बुक, लोटस 365, लेजर बुक, कोहनूर बुक, अलीबाबा बुक, खेलोयार, एसडी बुक, लॉयन बुक, स्काईएक्सचेंज और डायमंडएक्स डॉट कॉम जैसे दर्जनों नए-नए सट्टा एप खुलेआम चल रहे है इस सरकार में।