प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज
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छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की तैयारियों के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने यूसीसी को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए इसका विरोध किया है। वहीं बिजली वितरण व्यवस्था में निजी भागीदारी की चर्चा को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। बैज ने आरोप लगाया कि समान नागरिक संहिता का असर आदिवासी समाज के पारंपरिक अधिकारों और हितों पर पड़ सकता है। उन्होंने यूसीसी को आदिवासियों के खिलाफ साजिश बताते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखेगी।
दरअसल, राज्य सरकार ने यूसीसी लागू करने की संभावनाओं पर विचार के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। समिति की ओर से समाज प्रमुखों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजनों के साथ चर्चा भी शुरू कर दी गई है। हालांकि, सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि प्रदेश में आदिवासी समुदाय को यूसीसी के दायरे से बाहर रखा जाएगा।
बिजली वितरण को लेकर भी घिरी सरकार
बिजली के मुद्दे पर भी कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दीपक बैज का कहना है कि राजधानी क्षेत्र में बिजली वितरण के लिए एक निजी कंपनी की ओर से लाइसेंस मांगा गया है। कांग्रेस का दावा है कि निजी कंपनियों की एंट्री से आने वाले समय में उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। बैज ने कहा कि बिजली वितरण में निजी भागीदारी के किसी भी कदम का कांग्रेस विरोध करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सरकारी बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
15 निकायों के चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस
आगामी नगरीय निकाय चुनाव को लेकर भी कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश में 15 नगरीय निकायों में चुनाव प्रस्तावित हैं, जिनमें चार नगर निगम, पांच नगर पालिका और छह नगर पंचायत शामिल हैं। दीपक बैज ने दावा किया कि पार्टी ने चुनाव के लिए संगठन स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सभी निकायों में मजबूती से चुनाव लड़ेगी और जहां पार्टी का कब्जा है, उसे बरकरार रखने का प्रयास करेगी।