मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रायपुर के प्रदेश के नक्सली हिंसा पीड़ित जिलों के आदिवासी बच्चों के लिए संचालित 'प्रयास आवासीय विद्यालय' का विस्तार करने की घोषणा की है। विद्यालय की सफलता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरगुजा संभाग के मुख्यालय अम्बिकापुर और बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में भी इसका विस्तार किया जाएगा।
रमन सिंह ने पेंशन बाड़ा स्थित अनुसूचित जनजाति छात्रावास परिसर में आयोजित अमर शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति दिवस के कार्यक्रम में यह घोषणा की। उन्होंने प्रयास विद्यालय के बच्चों की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के बच्चे भी प्रतिभा में किसी से कम नहीं हैं। मौका मिलने पर ये बच्चे कामयाबी की बुलंदियों को छू सकते हैं।
इसके अलावा राज्य सरकार प्रदेश के सभी जिला स्तरीय छात्रावासों में विद्यार्थियों के लिए इंटरनेट और कम्प्यूटर की व्यवस्था करेगी। मुख्यमंत्री ने पोस्ट मेट्रिक छात्रावासों में विद्यार्थियों के लिए भोजन सहाय योजना की राशि प्रति विद्यार्थी दो सौ रूपए से बढ़ाकर चार सौ रूपए करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के तहत लगभग ढाई साल पहले रायपुर में प्रयास आवासीय विद्यालय की स्थापना की थी।
तब आदिवासी बहुल क्षेत्रों के बच्चों को 11वीं और 12वीं की कक्षाओं में प्रवेश देकर बोर्ड परीक्षा के साथ-साथ इंजीनियरिंग और आई.आई.टी. में भी प्रवेश के लिए विशेष कोचिंग दिलायी गई। इन बच्चों ने अपनी मेहनत और अपनी प्रतिभा से कामयाबी हासिल की। उनमें से 151 बच्चों ने आई.आई.टी. और अखिल भारतीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में सफलता का परचम लहराया।