आदिवासी महिला जागरूकता सम्मेलन में पहुंची आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा पहुंची।
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आदिवासी महिला जागरूकता सम्मेलन में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा रेखा शर्मा आज पेंड्रा पहुंची। जहां पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहां की देश की पहली महिला राष्ट्रपति द्रोपती मुर्मू के कहने पर मैं छ्तीसगढ़ के आदिवासी अंचल गौरेला पेंड्रा मरवाही आई हूं। देश के प्रधानमंत्री महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बहुत सारी योजना लाए हैं। जरूरत है उसे व्यवहार में लाने की।
राष्ट्रीय महिला आयोग एवं शासकीय महिला महाविद्यालय भिलाई के संयुक्त तत्वाधान में आज गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में राष्ट्रीय महिला आयोग का आदिवासी महिला जागरूकता सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें महिला आयोग की राष्ट्रीय अध्यक्षा रेखा शर्मा ने दिल्ली से मरवाही विधानसभा के कुड़कई गांव पहुंची। जहां पर हजारों महिलाओं को संबोधित किया। राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष सहित सभी अतिथियों का मंच पर छत्तीसगढ़ी आभूषण एवं मोरी पहनाकर स्वागत किया गया।
वहीं, आदिवासियों के स्वागत के दौरान महिलाओं के साथ रेखा शर्मा भी थिरकती नजर आई। अपने भाषण में महिला आयोग की अध्यक्षा ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए लगातार योजनाएं चला रहे हैं। राष्ट्रीय योजनाओं में महिलाओं को उन्हें परिवार का मुखिया बना दिया गया है। सरकार की एक-एक योजना महिलाओं से जुड़ी हुईं हैं। जरूरत है इन योजनाओं को समझने एवं इनका फायदा उठाने की। उन्होंने महिलाओं को जागरूक करने उनके अधिकारों को समझने के लिए कहा।
आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि संविधान में महिला एवं पुरुष को बराबर के अधिकार प्राप्त हैं। महिला आयोग इसे मूर्त रूप देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। महिलाओं को भी अपने अधिकार समझने होंगे। यदि उन्हें किसी तरह की परेशानी है तो सीधे राष्ट्रीय महिला आयोग को लिख सकते हैं सूचना दे सकते हैं हम कार्यवाही करेंगे। महिला आयोग ने महिला आयोग के पुराने विधि सम्मत काम के अलावा भी महिलाओं को रोजगार देने जागरूक करने पढ़ाई में मदद करने जैसे अनेक काम किए हैं। 24 घंटे की हेल्पलाइन चालू की गई है जिसमें आयोग का कोई ना कोई सदस्य लगातार उपलब्ध होता है।