सुकमा में शाला त्यागी बच्चों के पुनः प्रवेश में लापरवाही पर कलेक्टर ने 23 संकुल समन्वयकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। तीन दिन में जवाब न देने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
सुकमा ज़िले में शिक्षा के क्षेत्र में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। शाला त्यागी बच्चों के पुनः प्रवेश को लेकर गंभीर चूक पाए जाने पर 23 संकुल समन्वयकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। यह कदम शासन के प्राथमिकता वाले कार्यक्रम में उदासीनता के मद्देनज़र उठाया गया है।
विज्ञापन
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि यह कार्यक्रम सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शाला त्यागी बच्चों की पहचान, उनका ट्रैकिंग और स्कूलों में पुनः नामांकन की प्रक्रिया में अनदेखी सामने आने पर यह कार्रवाई की गई है।
नोटिस में संबंधित समन्वयकों से तीन दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यदि प्राप्त उत्तर असंतोषजनक पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अगली अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने और हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर हुई इस कार्रवाई को सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है कि शासन के निर्देशों की अवहेलना किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है।