छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धमतरी जिले में विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने 268 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास किया। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितग्राही मूलक सामग्री का वितरण भी किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमने छत्तीसगढ़ में नागरिक सुविधाओं को सुगम एवं सशक्त करने के लिए डिजिटल गवर्नेंस के मॉडल को अपनाया है। सभी विभागों में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्रणालियों का उपयोग किया जा रहा है जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुगमतापूर्वक योजनाओं की पहुंच आसानी से हो सके।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि स्वामित्व कार्ड के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर निवास करने वाले ग्रामीणों की बड़ी समस्या आज दूर हो रही है। इन लोगों को आबादी भूमि पर स्वामित्व के पक्के दस्तावेज मिल रहे है। दस्तावेज नहीं होने के कारण अक्सर विवाद की स्थिति में मामले न्यायालयों में सालों-साल लंबित रहते थे। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समस्या को समझा और उसे दूर करने के लिए तकनीक का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत को महाशक्ति बनना है तो भारत को तकनीक दृष्टि से सक्षम होना ही पड़ेगा। छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार ने हर स्तर पर डिजिटल गवर्नेंस को अपनाया है। रजिस्ट्री में लोगों को आसानी हो, यह पारदर्शी प्रक्रिया से हो, इसके लिए हमने सुगम एप तैयार किया है। दस्तावेजों के डिजिटलीकरण के लिए भी हम काम कर रहे हैं। स्वामित्व योजना के लिए जो ड्रोन सर्वे हमने कराये, इससे आबादी भूमि का अद्यतन नक्शा हमारे पास तैयार हो गया है, इसके कई लाभ हमें मिलेंगे। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत की विकास योजना अर्थात जीपीडीपी बनाने में इससे काफी मदद मिलेगी। इससे शासकीय और सार्वजनिक संपत्ति की देखरेख करने में काफी मदद मिलेगी और अतिक्रमण की संभावना समाप्त होंगी।