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'पब्लिक से शालीनता से पेश आएं अधिकारी': लोगों की सुनें, उन्हें सुनाएं नहीं; सीएम साय की अधिकारियों को दो टूक

Fri, 01 May 2026 06:09 PM IST
Lalit Kumar Singh अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

Chhattisgarh News: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रशासनिक व्यवस्था को जनकेंद्रित और संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से शासकीय अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं कि वे आमजन के साथ शालीनता, धैर्य और सम्मान के साथ व्यवहार करें।
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सीएम विष्णुदेव साय - फोटो : Amar ujala digital
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत और संवेदनशील बनाने के लिये शासकीय अधिकारियों को कड़े लहजे में सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनता के साथ शालीनता, धैर्य और सम्मान के साथ व्यवहार करें। लोगों की बातें सुनें, उन्हें सुनाएं नहीं। उन्होंने दो टूक कहा कि मुख्यालय और फील्ड स्तर पर शासकीय अधिकारी ही शासन का चेहरा होते हैं, इसलिए उनका आचरण शासन की छवि को प्रभावित करता है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को सुनना प्रशासनिक अधिकारियों  का पहला कर्तव्य है। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि वे जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और समाधान पर केंद्रित रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवाद तभी सार्थक है, जब उसमें संवेदना और समस्याओं का समाधान करने की नीयत हो।

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभागों में जनसमस्याओं के निराकरण को प्रभावी, सरल और भरोसेमंद बनाया जाए। जब कोई आम नागरिक किसी शासकीय कार्यालय पहुंचे, तो उसे यह महसूस होना चाहिए कि उसकी बात सुनी जा रही है और उसके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सकारात्मक अनुभव ही जनता के मन में विश्वास पैदा करता है। योजनाओं की सफलता केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों के अनुभव से मापी जाती है। इसलिए अधिकारी फील्ड में सक्रिय रहें, लोगों से सीधे संवाद करें और उनकी वास्तविक जरूरतों के अनुरूप कार्य करें। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता और तत्परता ही प्रशासन की असली ताकत है।
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उन्होंने अधिकारियों से पारदर्शिता और जवाबदेही को अपने कार्य का मूल आधार बनाने की अपेक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का विश्वास सबसे बड़ी पूंजी है, जिसे बनाए रखने के लिए ईमानदारी के साथ-साथ व्यवहार में शालीनता और विनम्रता भी जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुशासन केवल नीतियों से नहीं, बल्कि व्यवहार से स्थापित होता है। यदि अधिकारी जनता के साथ सरल, सहज,  सहयोगात्मक और जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण का तरीका हर समय अपनाते हैं, तो प्रशासन स्वयमेव अधिक प्रभावी हो जाता है और शिकायतों की संख्या स्वतः कम होने लगती है। विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा, जब प्रशासन हर नागरिक के लिए सुलभ, संवेदनशील और सम्मानजनक बने। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे इस भावना को अपने कार्य का मूल मंत्र बनाकर आगे बढ़ें और हर व्यक्ति को यह अहसास दिलाएं कि सरकार उसके साथ खड़ी है।

सीएम ने स्पष्ट किया कि सुशासन तिहार के दौरान वे स्वयं विभिन्न क्षेत्रों में आकस्मिक निरीक्षण करेंगे और अधिकारियों के कार्य के साथ-साथ उनके व्यवहार पक्ष का भी अवलोकन करेंगे।उन्होंने कहा कि जनसंपर्क के दौरान अधिकारियों की संवेदनशीलता, शालीनता और जवाबदेही को प्राथमिकता के साथ परखा जाएगा।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए “सुशासन तिहार 2026” का आयोजन 1 मई से 10 जून तक प्रदेशभर में किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर समाधान शिविर लगाए जाएंगे।इस दौरान पंचायत एवं वार्ड स्तर पर शिविरों में आवेदन स्वीकार कर जनसमस्याओं का निराकरण किया जाएगा। सुशासन तिहार में  जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रहेगी तथा स्वयं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा औचक निरीक्षण और जनसमस्याओं के निराकरण और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी।

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