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CG: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले- जनसमस्याओं के समाधान में न हो देरी, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे

Fri, 05 Jun 2026 02:00 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर संभाग के पांच जिलों की संयुक्त समीक्षा बैठक में  प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंचे और जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
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बिलासपुर संभाग के पांच जिलों की संयुक्त समीक्षा बैठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर संभाग के पांच जिलों की संयुक्त समीक्षा बैठक में  प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंचे और जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन का अर्थ केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।
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सुशासन तिहार के तहत बिलासपुर प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों में विकास कार्यों की प्रगति, राजस्व प्रकरणों, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और खरीफ सीजन की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने लंबे समय से लंबित राजस्व मामलों पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अन्य प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में विलंब सीधे तौर पर आम नागरिकों की परेशानियों को बढ़ाता है।
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गर्मी के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में पेयजल व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने को कहा। साथ ही आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग को मौसमी बीमारियों की रोकथाम और उपचार संबंधी तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए।

खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वितरण व्यवस्था पारदर्शी और व्यवस्थित होनी चाहिए ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता को देखते हुए उन्होंने किसानों को एसएसपी, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए जागरूक करने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

बैठक में मुख्यमंत्री ने सुशासन तिहार को जनभागीदारी का सफल अभियान बताते हुए कहा कि समाधान शिविरों में लोगों की बड़ी भागीदारी सरकार और प्रशासन के प्रति बढ़ते विश्वास का संकेत है। उन्होंने अधिकारियों से जवाबदेही के साथ कार्य करने और प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया। बैठक में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, सांसद कमलेश जांगड़े, विभिन्न क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि तथा प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
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