सीएम साय ने किया 187 करोड़ के 23 प्रोजेक्टों का लोकार्पण और भूमिपूजन
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राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 187 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 23 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। फुंडहर खेल मैदान में हुए इस कार्यक्रम के दौरान करीब 185 करोड़ 49 लाख रुपये के 17 कार्यों का भूमिपूजन और 1 करोड़ 49 लाख रुपये के 6 कार्यों का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम के दौरान तेलीबांधा चौक पर 1 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए सिंदूर पथ, फुंडहर चौक स्थित अटल परिसर, कोर्ट परिसर के पास स्थापित वनभैंसा, आईएसबीटी, मोवा ब्रिज और विधानसभा ब्रिज के नीचे बनाए गए बॉक्स क्रिकेट पिच का लोकार्पण किया गया।
पंडरी बस स्टैंड के पीछे 14 करोड़ 71 लाख रुपये और नरैया तालाब के पास 14 करोड़ 66 लाख रुपये की लागत से बनने वाले कामकाजी महिला छात्रावास का भूमिपूजन भी किया गया। इसके अलावा नगरोत्थान योजना के तहत तेलीबांधा चौक के पास 39 करोड़ 31 लाख रुपये के तकनीकी टॉवर और खम्हारडीह में 20 करोड़ 93 लाख रुपये की लागत से 2500 किलोलीटर क्षमता वाले नए जलागार का भूमिपूजन किया गया।
दलदल सिवनी अम्युजमेंट पार्क के पास 11 करोड़ 42 लाख रुपये के नालंदा परिसर, पचपेड़ी नाका से सीएसईबी चौक तक 13 करोड़ 39 लाख रुपये के गौरवपथ, 11 करोड़ 17 लाख रुपये के पीएम ई-बस डिपो और 2 करोड़ 79 लाख रुपये के इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन का भी भूमिपूजन हुआ। लाभांडी और फुंडहर क्षेत्र में 35 करोड़ 73 लाख रुपये की लागत से राइजिंग एवं डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन, विधायक कॉलोनी से अविनाश वन होते हुए एनएच-53 तक 1 करोड़ 94 लाख रुपये के नाला पुनर्निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 3 करोड़ 23 लाख रुपये के सीसी रोड एवं नाली निर्माण तथा श्रीराम मंदिर के पास 1 करोड़ 98 लाख रुपये के आरसीसी कवर्ड नाली निर्माण का भी शुभारंभ किया गया।
रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र, रायपुर उत्तर और रायपुर दक्षिण क्षेत्रों में भी सड़कों के सुदृढ़ीकरण, बीटी री-निवल, ड्रेन निर्माण और मरम्मत कार्यों के लिए करोड़ों रुपये के प्रोजेक्टों का भूमिपूजन किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लाभार्थियों को भवन निर्माण अनुज्ञा पत्र प्रदान किए गए। वहीं पीएम स्वनिधि योजना के हितग्राहियों को 50-50 हजार रुपये के चेक वितरित किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष में प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में अटल परिसरों के निर्माण का संकल्प लिया गया है, जिससे उनकी स्मृतियों को स्थायी स्वरूप दिया जा सके।