सीएम साय ने झीरम घाटी मामले में कांग्रेस के सवालों पर पलटवार किया है। बिलासपुर रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपी गई थी और जांच के दौरान 100 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने झीरम घाटी मामले में कांग्रेस के सवालों पर पलटवार किया है। रविवार को बिलासपुर रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपी गई थी और जांच के दौरान 100 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद अदालत ने 10 से अधिक आरोपियों को सजा सुनाई है। उन्होंने बताया कि 16 सितंबर को एनआईए कोर्ट सजा का निर्धारण करेगा।
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सीएम साय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तंज कसते हुए कहा कि यदि उनके पास झीरम मामले से जुड़े कोई साक्ष्य थे, तो उन्हें जांच एजेंसी के सामने प्रस्तुत करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि केवल सबूत होने का दावा करने से काम नहीं चलेगा।
भूपेश बघेल के प्रभार पर भी साधा निशाना
भूपेश बघेल को पंजाब के प्रभारी पद से हटाकर असम की जिम्मेदारी दिए जाने पर भी मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति पर चलती है। साय ने कहा कि भूपेश बघेल पंजाब के प्रभारी थे और वहां उनके विरोध की स्थिति बनी। इसी के बाद उनका प्रभार बदलकर असम कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने इसे कांग्रेस के आंतरिक संगठनात्मक बदलाव से जोड़ते हुए पार्टी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।