पीएम नरेंद्र मोदी की रायपुर में चुनावी सभा के बाद प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। पीएम ने जाते-जाते मंच से कहा कि 'बदलबो-बदलबो एक दारी सरकार बदलबो'। पीएम के इस बयान की सियासी गलियारे में जमकर चर्चा हो रही है। मामले में जमकर आरोप-प्रत्यारोप लग रहे हैं। इसके बाद सीएम भूपेश बघेल और डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोला और पलटलार कर बीजेपी को घेरा है।
चुनाव के समय छत्तीसगढ़ की याद आती है: टीएस सिंहदेव
उप मुख्यमंत्री सिंहदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण में एक भी नई बात नहीं थी। उन्हें छत्तीसगढ़ में 36 हजार करोड़ के धान घोटाले की जांच की बात कहनी थी, लेकिन नहीं की। प्रधानमंत्री को सिर्फ चुनाव के समय छत्तीसगढ़ की याद आती है। पीएम का दौरा पूरी तरह से चुनावी था। वे पिछले चुनाव के पहले आए थे और अब भी चुनाव से पहले आए हैं। बीच में छत्तीसगढ़ उनकी प्राथमिकता में नहीं था। वे केवल चुनावी माइलेज लेने आए थे।
'माता कौशल्या और भांचा राम को ही भूल गए पीएम मोदी'
पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने कहा कि पीएम मोदी माता कौशल्या के मायके और भगवान राम के ननिहाल में आकर उन्हें ही भूल गए। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी राम के ननिहाल में आकर माता कौशल्या और भांचा राम को ही भूल गए। उन्हें माता कौशल्या की जय बोलने से परहेज है। पीएम के आने से पहले हमने 21 सवाल किए थे। पीएम के पास जवाब नहीं था या वो देना ही नहीं चाहते। उन्होंने जन हितैषी सरकार के खिलाफ झूठ बोला है। कांग्रेस की सरकार शराबबंदी को लेकर आगे बढ़ चुकी है। अब तक 150 शराब दुकानें बंद कर दी गई है।
'थोड़ी सी भी शर्म हो, तो सच बताइए': सांसद सरोज पांडेय
राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय ने पीएम मोदी को लेकर दिए गए सीएम भूपेश के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि आप @bhupeshbaghel जी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री हैं पद की गरिमा रखनी चाहिए थी। अगर थोड़ी सी भी शर्म हो तो सच बताइए क्या कांग्रेस ने चुनाव के पहले शराब बंदी की घोषणा नही की थी? सच तो ये है कि आपने झूठे वादों की ऐसी झड़ी लगाई है कि इन्द्रदेव की मूसलाधार बारिश उसके सामने फीकी पड़ जाये।