जांजगीर-चांपा में 'मोर गांव-मोर पानी' महाभियान के तहत क्लस्टरवार प्रशिक्षण शुरू किया गया है। इसमें जल स्रोतों के संरक्षण और जनभागीदारी पर जोर दिया गया। मनरेगा और जल जीवन मिशन के समन्वय से जल संकट से निपटने की पहल की गई।
जांजगीर-चांपा में 'मोर गांव-मोर पानी' महाभियान के तहत क्लस्टरवार प्रशिक्षण शुरू किया गया है। इसमें जल स्रोतों के संरक्षण और जनभागीदारी पर जोर दिया गया। मनरेगा और जल जीवन मिशन के समन्वय से जल संकट से निपटने की पहल की गई।
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जांजगीर चांपा जिले में राज्य सरकार के निर्देश पर 'मोर गांव-मोर पानी' महाभियान के तहत जल संरक्षण और संवर्धन के लिए क्लस्टरवार प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। सोमवार को बलौदा और बम्हनीडीह जनपद पंचायतों के प्रथम क्लस्टर की ग्राम पंचायतों में यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, मैदानी कर्मचारी और बिहान योजना की महिला सदस्यों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण में जल स्रोतों की पहचान, संरक्षण, पुनरुद्धार और वर्षा जल संचयन पर जोर दिया गया।
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मनरेगा और जल जीवन मिशन के समन्वय से जल संरक्षण कार्यों को गति देने, नालों, तालाबों, कुओं और बोरवेल की सफाई व गहरीकरण में जनभागीदारी बढ़ाने की अपील की गई। जन-जागरूकता के लिए जल शपथ, रैली, दीवार लेखन और पौधारोपण जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया गया।
अधिकारियों ने इस अभियान को जनआंदोलन बताते हुए सभी विभागों से समन्वय के साथ साफ-सफाई, पौधारोपण और प्रचार-प्रसार में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। ग्राम स्तर पर जल सुरक्षा योजना तैयार करने और जल संरचनाओं के चिन्हांकन के साथ-साथ जल बचत के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया गया।