UCC in CG: छत्तीसगढ़ में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर कवायद तेज हो गई है। इस संबंध में प्रदेश के मुखिया सीएम विष्णुदेव साय ने एलान किया है कि आगामी विधानसभा के शीतकालीन सत्र में यूसीसी विधेयक पास करायेंगे।
UCC in CG: छत्तीसगढ़ में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर कवायद तेज हो गई है। इस संबंध में प्रदेश के मुखिया सीएम विष्णुदेव साय ने एलान किया है कि आगामी विधानसभा के शीतकालीन सत्र में यूसीसी विधेयक पास करायेंगे। इसके लिए गठित हाई लेवल कमेटी ने भी अपनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। आज शुक्रवार को उसकी पहली बैठक हुई है। दूसरी ओर कांग्रेस ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि इससे आदिवासी समाज की परंपराओं और रीति-रिवाजों पर असर पड़ सकता है। ऐसे में प्रदेश में यूसीसी को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हो गये हैं।
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राज्य सरकार ने यूसीसी के अध्ययन और सुझावों के लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की है। यह समिति विभिन्न समुदायों के व्यक्तिगत कानूनों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इस संबंध में सरकार का कहना है कि यूसीसी लागू होने पर विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और भरण-पोषण जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू होगा।
दूसरी ओर कांग्रेस ने राज्य सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आदिवासी समाज की अपनी परंपराएं, रीति-रिवाज और सामाजिक व्यवस्था है। ऐसे में बिना व्यापक चर्चा कराये और सहमति के यूसीसी लागू करना ठीक नहीं होगा। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार आदिवासी हितों की अनदेखी कर रही है।
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बता दें कि उत्तराखंड के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी यूसीसी को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सरकार इसे समानता और "एक देश-एक कानून" की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इसे आदिवासी अधिकारों और परंपराओं से जुड़ा संवेदनशील विषय मान रहा है। अब सभी की नजरें आगामी शीतकालीन विधानसभा सत्र पर हैं, जहां यूसीसी विधेयक पेश होने की उम्मीद है।