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छत्तीसगढ़: 'पवित्र भूमि' पर बने बीएसएफ शिविरों के विरोध में आए ग्रामीण, किया प्रदर्शन

Sun, 27 Dec 2020 07:15 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : self
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छत्तीसगढ़ में आदिवासी समुदाय के लोग सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) शिविरों को हटाने की मांग के लिए विरोध कर रहे हैं। वहीं छत्तीसगढ़ में उग्रवाद प्रभावित कांकेर जिले में पंचायत निकायों के 50 से अधिक प्रतिनिधियों ने स्थानीय लोगों के पवित्र स्थल पर सीमा सुरक्षा बल की दो चौकियां बनाने के विरोध में इस्तीफा दे दिया है।

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एक अधिकारी ने बताया कि शिविरों का गठन काटगांव एवं कामतेदा गांवों में किया गया है, जो यहां से करीब 127 किलोमीटर दूर हैं। यह परतापुर-कोयलीबेडा मार्ग पर स्थित है।


कहा,  हम जमीन अधिग्रहण के खिलाफ हैं
सिकसोद के सरपंच लच्छूराम गावडे ने बताया कि कांकेर के पाखनजोर में 23 दिसंबर से ही हजारों लोग बीएसएफ शिविरों को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शनिवार को कम से कम 46 सरपंच, सात जनपद पंचायत सदस्य, एक उप सरपंच और एक जिला पंचायत सदस्य ने अपना इस्तीफा सौंपा।
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उन्होंने कहा, ‘‘हम बीएसएफ के शिविरों के खिलाफ नहीं हैं। हम जमीन अधिग्रहण के खिलाफ हैं,  जहां हम कई वर्षों से धार्मिक क्रियाएं करते आ रहे हैं। उन्होंने एक पेड़ भी काट दिया जिसकी हम पूजा करते थे और यह हमारे देवी-देवताओं का अपमान है।’’

नक्सली ग्रामीणों को विरोध के लिए उकसा रहे 
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने कहा कि बस्तर में हाल में बनाए गए 16 शिविरों में ये दोनों शिवर शामिल हैं और इन शिविरों के कारण नक्सलियों को परेशानी हो रही है] जो लोगों को सुरक्षा बलों की मौजूदगी का विरोध करने के लिए बाध्य कर रहे हैं।

कांकेर के जिलाधिकारी चंदन कुमार ने कहा कि जल्द ही मुद्दे का समाधान हो जाएगा और दावा किया कि प्रथम दृष्ट्या प्रतीत होता है कि ग्रामीण हिंसक ताकतों के दबाव में विरोध कर रहे हैं।

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