छत्तीसगढ़ बीजेपी के पूर्व वरिष्ठ आदिवासी नेता नंदकुमार साय ने कांग्रेस ज्वॉइन कर ली है। उनके कांग्रेस ज्वाइन करते ही प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों एक दूसरे पर हमलावर हैं। मामले में जमकर आरोप-प्रत्यारोप लग रहे हैं। साय के कांग्रेस में प्रवेश करने के बाद अमर उजाला डॉट काम ने उनसे खास बातचीत की।
सवाल: आप ने हाल ही में कांग्रेस ज्वॉइन किया है, कैसा लग रहा है?
जवाब: यह स्थिति तो जो है सबके सामने हैं। हम बहुत पहले से भारतीय जनता पार्टी में थे। अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज जैसे नेताओं के साथ में रहा। पूर्व में अविभाजित मध्यप्रदेश में नेता प्रतिपक्ष भी रहा। कुछ कारणों से ऐसा लगने लग रहा था कि मैं भारतीय जनता पार्टी में सामान्य सदस्य बनकर रह गया हूं। बहुत सारे कार्यक्रमों में मुझे आमंत्रित नहीं किया जाता था। हमने केंद्रीय नेतृत्व से बात करने की कोशिश की, लेकिन जब सफल नहीं हुए तो भारतीय जनता पार्टी छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन कर लिया।
सवाल: क्या लगता है, इसके पीछे किसकी साजिश हो सकती है?
जवाब: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव भी नजदीक है। हमारे अनुभव और उपयोगिता का लाभ लेना चाहिए था पर यह सब नहीं हो रहा था। पार्टी में कोई भी हो, किसी का नाम लेने का कोई मतलब नहीं रह गया है। इन लोगों की कुछ बातें होंगी, केवल सामान्य सदस्य बनकर रह गया था। कोर ग्रुप में नहीं, चुनाव समिति में नहीं, वित्त समिति में नहीं। यहां तक कि बहुत सारी कार्यक्रमों में हमें बुलाया नहीं जाता था। हम इससे परेशान हो गए थे।
सवाल: आप तीन बार के विधायक रहे, तीन बार के सांसद रहे, नेता प्रतिपक्ष भी रहे। बीजेपी का कहना है कि उसने आपको सभी सम्मान दिया। क्या वह सम्मान आपको कांग्रेस में मिल सकता है?
जवाब: बीजेपी जो सम्मान की बात कर रही है, क्या वह अजीत जोगी से लड़ करके सरकार बना सकती थी। लाठी और डंडे खा सकते थे। 166 लोग घायल हुए थे। मेरा घुटना भी फैक्चर हुआ था। प्रतिदान भारतीय जनता पार्टी के लिए कुछ नहीं था। बाकी लोगों को यह दायित्व क्यों नहीं दिया जा रहा है? जिसमें सामर्थ्य होता है, जो काम करता है, उसी को ही पार्टी आगे करती है, लेकिन एकतरफा यह बातें सही नहीं है। इस पार्टी के लिए हमने रातोंदिन, एकजुट होकर कितना काम किए हैं, लेकिन किसी को ऐसा कर दिया जाए कि वह व्यक्ति अपमानित होकर के वहां रह भी ना सके। आखिर क्या उपाय है। यह एकतरफा बात कही जा रही है। बहुत सारे कार्यकर्ता हैं, उन्हें भी यह दायित्व देखकर देख लें। पुरानी बीजेपी पार्टी को मैं धन्यवाद करता हूं। बहुत सारे लोगों को पता है, वह भी इसी तरह से परेशान हैं।
सवाल: बीजेपी का कहना है कि आपने दबाव में इस्तीफा दिया है या कांग्रेस की साजिश है क्या कहेंगे?
जवाब: पूरी तरह से गलत है। यह जो बात है, पूरी तरह से निराधार, तथ्यों से परे और भ्रामक है। कोई इसमें सच्चाई नहीं है?
सवाल: विधानसभा घेराव के दौरान आपने संकल्प लिया था कि बाल नहीं कटवाऊंगा। इसे लेकर वीडियो भी वायरल हुआ था, क्या कहेंगे?
जवाब: कोई हमने वायरल नहीं किया था। दूसरे लोगों ने वायरल किया था। हमने खड़े होकर मना किया था। किसी को दांव पर लगाना है तो अपना लगाओ, मेरा थोड़ी लगाओगे। ये गलत बात है। इसमें हमारा कोई बात नहीं है।
सवाल: कांग्रेस में आ गए हैं, यहां पर आदिवासियों और पिछड़े वर्गों को लेकर के क्या प्लानिंग है?
जवाब: जनजाति वर्ग की अभी जो समस्याएं हैं, वह अभी सुधरी नहीं हैं। स्वास्थ्य सेवाएं ठीक नहीं है, उनकी आर्थिक दशा खराब है। वह शिक्षित नहीं हैं, उनकी शिक्षा को कैसे मजबूत किया जाए , इन कामों को कैसे आगे बढ़ाया जाए, इन सब की प्राथमिकता रहेगी। भूपेश सरकार की योजनाएं बहुत अच्छी है पर ये योजनाएं धरातल पर पहुंचनी चाहिए। सरकार के कामों की तारीफ की जानी चाहिए।
सवाल: विधानसभा चुनाव में महज 5 महीने शेष हैं। आप संकल्प के लिए जाने जाते हैं। इस बार बीजेपी को हराने के लिए कोई संकल्प लेंगे?
जवाब: हमने कोई संकल्प नहीं लिया है। बाकी लोग मुझे आगे करके बातें करते थे। हमारी रुचि होगी, प्रयत्न करेंगे पार्टी योजना बनाएगी, उस पर काम करेंगे। दल के निर्णय के अनुसार काम करेंगे।
सवाल: आपने जब कांग्रेस की सदस्यता ली थी, उस समय आपको कहीं छुपा दिया गया था, क्या कहेंगे?
जवाब: ये बातें गलत हैं। हम अपनी जगह में थे। हम अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष को भेज दिए थे, जो लोग इस्तीफा लेकर गए थे, वह काफी देर तक वहां खड़े रहे पर कोई रिस्पांस नहीं मिला। यहां तक की पावती भी नहीं दिए। अंत में वह छोड़कर के चले आए। बीजेपी बातचीत कर सकती थी। चर्चा कर सकती थी पर ध्यान नहीं दिया गया।
सवाल,: बीजेपी ने आप को मनाने की कोशिश की, लोग दो घंटे आपके बंगले पर बैठे रहे पर आपने कोई जवाब नहीं दिया?
जवाब: हमें कोई महत्व नहीं दिया गया। आखिरी में आप क्यों बात करना चाहते हैं। जब मैंने इस्तीफा दिया, तो उस समय भी बात की जा सकती थी पर नहीं की गई। यहां हम सालों से परेशान थे। कोई महत्व नहीं, कोई कार्यक्रम में बुलावा नहीं गया। बीजेपी प्रदेश प्रभारी से भी मिलने नहीं दिया जाता था। समय नहीं दिया जाता था, बात करने नहीं दिया जाता था।
सवाल: बीजेपी से नाराजगी की बड़ी वजह क्या रही?
जवाब: बीजेपी में मेरी घोर उपेक्षा की गई। केवल सामान्य सदस्य बनाकर रख दिया गया था। मैंने केंद्रीय नेतृत्व से भी बात करने की कोशिश की। मुझे समय नहीं दिया गया।
सवाल: क्या बीजेपी में फिर से वापसी होगी?
यह बृजमोहन अग्रवाल का अपना विचार हो सकता है , लेकिन जब व्यक्ति कहीं चला जाता है, फिर उसके अपने चिंतन पर निर्भर करता है। यह उनकी व्यक्तिगत राय है। मुझे कोई परिस्थितियां दिखाई नहीं पड़ती।
सवाल: आप अटल जी को फॉलो करते हैं पर अटल जी ने कभी जनसंघ या बीजेपी नहीं छोड़ी ?
जवाब: उस समय की पार्टी बची कहां है। अटल बिहारी वाजपेई वाली भारतीय जनता पार्टी कहां रह गई है। उस समय का स्वरूप, उस समय का चिंतन कहां रह गया है। सभी लोगों को एक साथ लेकर चलने की भावना नहीं रह गई है।