छत्तीसगढ़ की वन विभाग की टीम ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्ट क्षमता का प्रदर्शन करते हुए 28वीं ऑल इंडिया फॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियनशिप पर कब्जा जमाया। देहरादून में 12 से 16 नवंबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में राज्य की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर की टीमों को पीछे छोड़ दिया।
राजधानी रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर में विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने टीम को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से पूरे राज्य का मान बढ़ाया है और यह जीत छत्तीसगढ़ की खेल परंपरा और अनुशासन का प्रमाण है। समापन समारोह में ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी छत्तीसगढ़ की ओर से टीम की नोडल अधिकारी और आईएफएस अधिकारी द्वारा ग्रहण की गई। नेतृत्व और टीम की एकजुटता इस उपलब्धि की प्रमुख वजह बताई जा रही है।
इस वर्ष छत्तीसगढ़ की 253 खिलाड़ियों की मजबूत टीम ने कुल 150 पदक (74 स्वर्ण, 34 रजत, 42 कांस्य) जीतकर प्रतियोगिता में अपना दबदबा बनाए रखा। टीम ने कुल 578 अंक हासिल किए, जो प्रथम रनर-अप से 221 अंकों की ऐतिहासिक बढ़त है। कई खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत रूप से भी शानदार प्रदर्शन किया। निखिल ज़ाल्को – तैराकी में 5 स्वर्ण, सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी, संगीता राजगोपालन – बैडमिंटन व टेनिस में 4 स्वर्ण और 1 रजत, सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी, थोटा संकीर्तन – महिला ओपन वर्ग में 5 स्वर्ण, सर्वश्रेष्ठ एथलीट, सुखनंदन लाल ध्रुव और चारुलता गजपाल – वेटरन श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
वन विभाग के मार्गदर्शन और निरंतर प्रोत्साहन को टीम की सफलता का आधार माना जा रहा है। खिलाड़ियों ने बताया कि विभाग द्वारा दी गई सुविधाओं, अनुशासन और प्रशिक्षण ने प्रतियोगिता में उन्हें बढ़त दिलाई। वन मंत्री और वन बल प्रमुख के निर्देशन को टीम की इस निरंतर सफलता में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों के सहयोग और खिलाड़ियों की मेहनत ने राज्य को एक बार फिर राष्ट्रीय खेल मंच पर बुलंदियों पर पहुंचाया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री, नान चेयरमैन, योग आयोग अध्यक्ष, आदिवासी एवं औषधीय पादप बोर्ड अध्यक्ष, वक्फ बोर्ड चेयरमैन, वन बल प्रमुख, लघु वनोपज संघ के सदस्य और बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ वन विभाग की यह जीत केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि एक ऐसा गौरवशाली अध्याय है जिसने राज्य को लगातार राष्ट्रीय चैंपियन की श्रेणी में बनाए रखा है।