छत्तीसगढ़ में अपराध जांच को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की पहल पर राज्य के जिलों को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई जा रही है।
छत्तीसगढ़ में अपराध जांच को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की पहल पर राज्य के जिलों को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई जा रही है। इसी क्रम में मुंगेली जिले को करीब 65 लाख रुपये की लागत से तैयार आधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन मिली है, जिसे रविवार को सेवा के लिए रवाना किया गया।
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नवा रायपुर स्थित मंत्रालय से वर्चुअल माध्यम से जुड़े उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों से लैस यह वैन पुलिस जांच प्रणाली को नई मजबूती देगी और घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में मददगार साबित होगी।
मुंगेली कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को वैन की तकनीकी क्षमताओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस मोबाइल यूनिट के जरिए घटनास्थल पर तत्काल प्रारंभिक फॉरेंसिक जांच की जा सकेगी, जिससे अपराध अनुसंधान में तेजी आएगी और साक्ष्य संग्रहण अधिक प्रभावी होगा।
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बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने कहा कि आधुनिक फॉरेंसिक तकनीक अपराधियों तक तेजी से पहुंचने और मामलों के वैज्ञानिक समाधान में अहम भूमिका निभाएगी। वहीं मुंगेली एसएसपी भोजराम पटेल ने कहा कि निष्पक्ष जांच और न्याय व्यवस्था को मजबूत करने में यह वैन महत्वपूर्ण साबित होगी।
कार्यशाला के तकनीकी सत्र में फॉरेंसिक विशेषज्ञ ज्योत्सना लकड़ा ने पुलिस अधिकारियों को वैन में उपलब्ध आधुनिक उपकरणों और जांच तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने घटनास्थल से वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने, उन्हें सुरक्षित रखने और अदालत में उनकी वैधता बनाए रखने की प्रक्रिया पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया।