Chhattisgarh Naxalites Encounters: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सल मोर्चे पर पुलिस फोर्स को बड़ी सफलता मिली है। केरलापाल इलाके में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में कुल 17 नक्सली मारे गए हैं। मारे गये सभी नक्सलियों के शव बरामद कर लिये गये हैं। सुकमा एसपी किरण चौहान ने इसकी पुष्टि की है। नक्सलियों के बस्तर संभाग के दरभा डिवीजन (डीवीसीएम) का नक्सली चार्ज कमांडर जगदीश भी मारा गया है। वहीं अन्य बड़े नक्सली लीडर के भी मारे जाने की खबर है।
40 वर्षीय खूंखार नक्सली कमांडर जगदीश उर्फ बुधरा छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम नक्सली कांड में भी शामिल था। 25 लाख रुपये का एसजेडसी मेंबर इनामी नक्सली बुधरा वह वर्ष 2023 में जिला सुकमा के अरणपुर में डीआरजी के जवानों के शहादत वाली घटना में भी शामिल था। वह नक्सलियों के दरभा डिवीजन कमेटी का इंचार्ज था। वह सुकमा जिले के ग्राम पिट्टेडब्बा थाना कूकानार का निवासी था।
पुलिस ने उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। वह बस्तर, सुकमा , दंतेवाड़ा और बीजापुर में बीते छह-सात सालों से कई बड़ी नक्सली घटनाओं में शामिल था। वह पिछले कई वर्षों से नक्सली संगठन में सक्रिय रहकर नक्सली वारदातों को अंजाम दे रहा था। वह पिछले कई सालों से फोर्स के टारगेट पर था।
फोर्स ने लॉन्च किया था 'ऑपरेशन जगदीश'
26 अप्रैल 2023 को नक्सल मुठभेड़ के एक दिन पहले भी मुखबिर से दंतेवाड़ा पुलिस को जगदीश और उसके टीम के अरनपुर इलाके में सक्रिय होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद डीआरजी और सीएएफ के जवानों ने संयुक्त रूप से 'ऑपरेशन जगदीश'लॉन्च किया था। उस दौरान सुबह में जगदीश की टीम के साथ जवानों की मुठभेड़ भी हुई थी। करीब एक घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद जगदीश घने जंगल और पहाड़ियों की आड़ लेकर मौके से भाग निकला था। हालांकि जवानों ने घटनास्थल से दो नक्सलियों को गिरफ्तार किया था। इसमें एक नक्सली घायल था, उसके कोहनी और पैर में गोली लगी थी। पुलिस जगदीश को पकड़ने के लिये जिंदा या मुर्दा के टारगेट पर काम कर रही थी।
25 मार्च 2025 को मारा गया इनामी नक्सली कमांडर सुधाकर
इससे पहले 25 मार्च 2025 को नार्थ जोनल में इनामी नक्सली कमांडर मुरली के नाम से मशहूर सुधीर उर्फ सुधाकर को को पुलिस टीम ने मुठभेड़ में मार गिराया था। वह 25 सालों से कई बड़ी नक्सली घटनाओं में शामिल था। नक्सलियों के बड़े टॉप लीडर की ओर से बैठक लेने की सूचना पर 24 मार्च को दंतेवाड़ा डीआरजी और बस्तर फाईटर्स की टीम रवाना हुई थी।25 मार्च की सुबह 8 बजे ग्राम गिरसापारा, इकेली, नेलगोड़ा, बोड़गा के मध्य जंगल पहाड़ में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। लगातार दोपहर तक मुठभेड़ चलती रही। फायरिंग बंद होने पर सर्च करने पर तीन पुरुष नक्सलियों का शव बरामद हुआ था। इसमें सुधीर उर्फ सुधाकर उर्फ सोनसाय उर्फ मुरली (अंकेसरापु सरैया) जो नक्सलियों की टीम में एसजेडसीएम निवासी तारलापल्ली वारंगल तेलंगाना का रहने वाला था। उसने सन् 1999 में दंडकारण्य क्षेत्र में प्रवेश किया और 2003 में माड़ क्षेत्र के साथ-साथ गढ़चिरौली में मुरली के नाम से सक्रिय रहा।
इतना ही नहीं वह साल 2012 से नक्सली कमांडर प्रभाकर के साथ काम कर रहा था। वह 2014-15 से एसजेडसी (SZC) का सदस्य रहा। नार्थ ब्यूरो से भी जुड़़ा रहा। दंडकारण्य और माड़ डिविजन में मोपोस इंचार्ज के रूप में कार्य कर रहा था। डीआईजी कमलोचन कश्यप ने बताया कि इन 26 वर्षो में सुधीर उर्फ मुरली नार्थ जोन जिसमें दंतेवाड़ा, नारायणपुर, कांकेर, कोंडागाँव, राजनांदगांव में काफी सक्रिय था।