छत्तीसगढ में नक्सली समस्या का प्रशासन को रोज ही सामना करना पड़ता है लेकिन ऐसे में कुछ खबरें ऐसी आ जाती है जो मनोबल को बढ़ाने का काम करती हैं। ऐसी ही एक घटना कटेकल्याण थाने के धुर नक्सलगढ़ गांव चिकपाल में हुई। दो लाख के इनामी नक्सली ने खुद समर्पण किया और गांव के विकास कार्यों से जुड़ने की इच्छा जाहिर की।
करीब एक हफ्ते पहले कलेक्टर दीपक सोनी पहली बार यहां पहुंचे थे। उन्होंने यहां पहुंचने के बाद सबसे पहले ग्रामीणों की मांगों का गौर किया और विकास कार्यों के लिए अनुमति दी। इसके साथ ही उन्होंने उन युवाओं से अपील की जो नक्सलवाद के रास्ते पर निकल गए कि वो घर लौट आएं। उनकी इस अपील का काफी गहरा असर हुआ और दो लाख के इमानी नक्सली भीमा मरकाम ने सरेंडर कर दिया।
उसने कलेक्टर के पास पहुंचकर सरेंडर किया। कलेक्टर ने भी उसे उसके अनुसार गांव में ही काम देने का आवश्वासन दिया। सरेंडर के बाद उसने यह भी कहा कि वह पुलिस में काम नहीं करना चाहता, बल्कि गांव में ही रहकर काम करेगा।
पुलिस चला रही है अभियान
‘लोन वर्राटू’ के नाम से हाल ही में पुलिस ने घर लौट आओ अभियान की शुरुआत की है। इसका इस गांव में काफी सकारात्मक असर हुआ है। अभी तक इस इलाके के 13 इनामी नक्सलियों की सूची बनाई गई और उनसे समर्पण करने की अपील की गई है।