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Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति का अनुमोदन, यहां देखें भूपेश कैबिनेट के अहम निर्णय

Fri, 17 Mar 2023 03:15 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर

सार

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में कैबिनेट की अहम बैठक हुई। मंत्री परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गए हैं। 
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भूपेश कैबिनेट की बैठक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल की अध्यक्षता में शुक्रवार को मंत्री परिषद की अहम बैठक आयोजित की गई। जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें पत्रकारों की सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ मीडियाकर्मी सुरक्षा विधेयक- 2023  के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रि परिषद ने छत्तीसगढ़ नक्सल उन्मूलन की नई नीति का अनुमोदन किया। 
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भूपेश कैबिनेट के अहम निर्णय
  1. छत्तीसगढ़ मीडियाकर्मी सुरक्षा विधेयक-2023 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  2. छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता-1959 में (संशोधन) विधेयक 2023 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  3. छत्तीसगढ़ नगरीय क्षेत्रों के आवासहीन व्यक्ति को पट्टाधृति अधिकार विधेयक-2023 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  4. छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2023 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  5. छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति का अनुमोदन किया गया।
  6. छत्तीसगढ़ विधानसभा सदस्य वेतन, भत्ते एवं पेंशन (संशोधन) विधेयक-2023 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  7. छत्तीसगढ़ में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए करीब 2500 करोड़ रूपये की विश्व बैंक परियोजना- चाक के क्रियान्वयन के लिए शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया और ऋण को अंतिम रूप से स्वीकृति प्रदान करने के लिए  वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है।
  8. कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 बरमिंघम में सिल्वर मेडल प्राप्त आकर्षी कश्यप, दुर्ग को उपपुलिस अधीक्षक (द्वितीय श्रेणी राजपत्रित) पद पर नियुक्ति प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
  9. पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ नवा रायपुर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का नवीन पद अस्थाई रूप से एक वर्ष की अवधि के लिये निर्मित किये जाने का निर्णय लिया गया।

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एक नजर में नई नक्सल उन्मूलन नीति
  • नक्सल उन्मूलन नीति शासन की विकास-विश्वास सुरक्षा की त्रिवेणी कार्ययोजना पर आधारित है। इस नीति में विभिन्न विभागो द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार आदि क्षेत्रों में किये जाने वाले कार्यों उल्लेख किया गया है। ग्राम पंचायतों के निवासियों को शासकीय योजनाओं का लाभ विभिन्न विकास मूलक योजनाओं का क्रियान्वयन 'मनवा नवा नार' योजना के तहत् समग्रित विकास केन्द्रों की स्थापना अनुसूचित क्षेत्रों / वन क्षेत्रों हेतु लागू कानूनों / नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाना आदि बहुआयामी लक्ष्यों या उद्देश्यों को रेखांकित किया गया है।
  • पुलिस बल के शहीदों के परिजनों को अतिरिक्त राहत राशि के रूप में 20 लाख रूपये की राशि कृषि भूमि क्रय किये जाने के उद्देश्य से दिया जाना तथा 3 वर्ष के भीतर कृषि भूमि क्रय करने पर 2 एकड़ भूमि तक स्टॉम्प ड्यूटी या पंजीयन शुल्क में पूर्ण छूट प्रदान की गयी है। घायल जवानों को आवश्यकता होने पर कृत्रिम अंग प्रदान किये जाने की व्यवस्था की जाएगी।
  • नीति में नक्सल व्यक्तियों  या परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास हेतु प्रावधान बनाये गये है । पुनर्वास हेतु निर्णय के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति का प्रावधान है। पुनर्व्यस्थापन में कठिनाई होने पर राज्य स्तर पर अपर मुख्य या प्रमुख सचिव गृह की अध्यक्षता में समिति गठित की गयी है। पुनर्वास के लिए विभिन्न विभागों के अनेक प्रकार के लाभ और सुविधाओं का प्रावधान किया गया है।
  • नक्सल पीड़ित व्यक्तियों के लिए प्रमुख प्रावधानों में हत्या या मृत्यु, चोट, संपत्ति एवं जीविकोपार्जन क्षति पर पूर्व में देय मुआवजा राशि में दो गुना तक वृद्धि की गयी है। आवश्यकता होने पर कृत्रिम अंग समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदान किया जाएगा। विभिन्न प्रकार की सुविधाओं में स्वयं या बच्चों की शिक्षा, छात्रावास, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ, खाद्य विभाग की योजनाओं का लाभ, स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ा जाना, नियमानुसार विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिया जाना आदि का उल्लेख है ।
  • परिवार के कमाने वाले व्यक्ति की हत्या प्रकरण में अनुकम्पा नियुक्ति की तर्ज पर शासकीय सेवा प्रदान की जाएगी। यदि शासकीय सेवा नहीं दी जाती तब कृषि भूमि क्रय करने हेतु 15 लाख की अतिरिक्त राशि दी जाएगी। 3 वर्ष में कृषि भूमि क्रय करने पर 2 एकड़ तक भूमि पर स्टॉम्प ड्यूटी या पंजीयन शुल्क में पूर्ण छूट दी जाएगी।
  • आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए प्रमुख प्रावधानों में समर्पित राउण्ड के लिए प्रति राउण्ड 5 रूपये के जगह 50 रूपये दिये जायेंगे। प्रत्येक नक्सली को समर्पण पर प्रोत्साहन के लिए 25 हजार रूपये की राशि दी जाएगी। नक्सल पीड़ित के समान ही आत्मसमर्पित नक्सलियों को विभिन्न विभागों द्वारा अनेक प्रकार की सुविधाओं या लाभ प्रदान करने हेतु विचारण या कार्यवाही की जाएगी।
  • सक्रिय 5 लाख या अधिक के ईनामी नक्सली को आत्मसर्पण पर 10 लाख की राशि पृथक से दी जाएगी ( यह राशि उसके ऊपर घोषित ईनाम राशि तथा समर्पित हथियार के बदले देय मुआवजा राशि के अतिरिक्त होगी) । यह राशि बैंक में सावधि जमा की जाएगी तथाइसका ब्याज समर्पित नक्सली को दिया जाएगा। 03 वर्ष पश्चात् चाल चलन की समीक्षा उपरांत यह राशि प्रदान की जाएगी। यदि समर्पित नक्सली द्वारा 03 वर्ष के भीतर कृषि भूमि क्रय की जाती है तब 02 एकड़ तक भूमि पर स्टॉम्प ड्यूटी / पंजीयन शुल्क में पूर्ण छूट दी जाएगी। 
इस नीति में ये महत्वपूर्ण
  1. अन्य राज्यों के पीड़ित व्यक्ति को भी मुआवजा के लिए पात्र किया गया है।
  2.  
  3. नक्सल पीड़ित या आत्मसमर्पित नक्सली जिसके द्वारा नक्सल विरोधी अभियान में पुलिस को विशेष सहयोग किया गया हो और जिसे इस कारण स्वयं की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया हो, ऐसे प्रकरणों में पुलिस महानिरीक्षक रेंज उसे पुलिस विभाग में निम्नतम पदों पर भर्ती कर सकेंगे।
  4.  
  5. सभी विभागों को नई नीति लागू करने के लिये नियमों या प्रावधानों में संशोधन के लिए  60 दिन का समय दिया गया है।
  6.  
  7. छत्तीसगढ़ लोक सेवा गांरटी अधिनियम के प्रावधान यथावत् लागू होंगे।
  8.  
  9. छत्तीसगढ़ नक्सल उन्मूलन नीति लागू होने की तिथि से 5 वर्ष के लिये प्रभावी रहेगी।



रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष ने जताया आभार
पत्रकार सुरक्षा कानून का अनुमोदन किये जाने पर पूरे प्रदेश के पत्रकारों की तरफ से रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष  दामु आम्बेडारे ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता के साथ विचार कर   मीडिया कर्मियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए सुरक्षा कानून लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इससे मीडिया के साथी अधिक उत्साह के साथ जनहित में अपना कर्तव्य निभा सकेंगे। 
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छत्तीसगढ़ मीडियाकर्मियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी
दामु आम्बेडारे ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल ने पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने के लिए कमेटी बनाई। सुरक्षा विधेयक का मसौदा तैयार कराया और अब कैबिनेट की बैठक में प्राथमिकता के साथ उसका अनुमोदन कर छत्तीसगढ़ के मीडियाकर्मियों की वर्षों पुरानी मांग पूर्ण कर दी है।

पत्रकार कल्याण की हर मांग पर सीएम बेहद संवेदनशील 
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पत्रकार कल्याण की हर मांग पर बेहद संवेदनशील हैं। उन्होंने पत्रकारो के हित में अधिमान्यता का दायरा बढ़ाने के साथ ही, नियमों में सरलता लाकर मीडियाकर्मियों के प्रति सदाशयता दिखाई है। मुख्यमंत्री ने पत्रकार सम्मान निधि 5 हजार से बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह की है। इसके साथ ही बजट में पत्रकार गृह निर्माण अनुदान योजना के शुरू किए जाने का प्रावधान किया है जिसके लिए 50 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है।
 
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