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हमले के बाद भाजपा नेताओं से हेलमेट पहनकर मिले पत्रकार

Thu, 07 Feb 2019 12:12 PM IST
Shilpa Thakur न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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छत्तीसगढ़ में पत्रकारों ने भाजपा नेताओं से हेलमेट पहनकर की बात - फोटो : social media
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छत्तीसगढ़ के रायपुर में बुधवार को पत्रकारों ने हाथों में माइक और सिर पर हेलमेट पहनकर भाजपा नेताओं से बात की। दरअसल बीते हफ्ते भाजपा समर्थकों ने छत्तीसगढ़ में कथित तौर पर एक पत्रकार पर हमला कर दिया था। 

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एक कार्यक्रम में हेलमेट पहनकर नेताओं से बातचीत करने आए पत्रकारों का कहना है कि वह ऐसा करके भाजपा की सराकर को संदेश देना चाहते हैं, इसके अलावा अगर दोबारा उनपर हमला होता है तो वे सुरक्षित भी रहेंगे।

बता दें शनिवार को पत्रकार सुमन पांडे पर हमला किया गया था।  पत्रकार सुमन पांडे का कहना है कि वह भाजपा की बैठक को कवर करने के लिए गए थे जिसे उन्होंने हालिया चुनाव में मिली हार की समीक्षा के लिए बुलाया था। बहुत से स्थानीय नेता और रायपुर भाजपा अध्यक्ष सहित अन्य लोग भी वहां मौजूद थे।
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पांडे ने कहा, 'मैं वहां बैठक कवर करने के लिए गया था और अचानक भाजपा के कुछ नेताओं ने दूसरे नेता के साथ मारपीट शुरू कर दी जिसे मैं अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड करने लगा। इसके बाद उत्कर्ष त्रिवेदी और रायपुर अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने मुझपर हमला कर दिया और मेरी पिटाई करने लगे। उन्होंने मेरा फोन छीन लिया और रिकॉर्डिंग को डिलीट कर दिया। उन्होंने मुझे 20 मिनट तक कमरे में बंद रखा।' पांडे को इस दौरान सिर में चोटें आईं।





पत्रकार की शिकायत के बाद भाजपा के चार पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। यह गिरफ्तारी भाजपा के जिलाधिकारी राजीव अग्रवाल, स्थानीय नेता विजय व्यास, उत्कर्ष त्रिवेदी और डीना डोगरे के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद हुई।

सुमन पांडे का कहना है कि कमरे में 20 मिनट तक रहने के बाद जब वो बाहर आए तो उन्होंने बाकी पत्रकारों को इस बारे में सूचित किया। थोड़ी देर बाद और भी पत्रकार वहां आ गए। उन्होंने पुलिस को सतर्क किया और घटना में शामिल लोगों को गिरफ्तार करने के लिए धरना दिया।

छत्तीसगढ़ भाजपा प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने भी मीटिंग में मौजूद थे। उनका कहना है कि पार्टी सुमन पांडे के लिए माफी मांगती है। उपासने के मुताबिक बैठक बंद कमरे में हुई जिसमें हाल ही में विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार पर चर्चा हुई। जरूरी फुटेज लेने के बाद पत्रकारों से बैठक के कमरे से बाहर जाने को कहा गया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से भी फोन स्विच ऑफ करने को कहा गया। 

बता दें साल 2018 के वर्ल्ड प्रेस फोरम में भारत की रैंक 180 में से 138 थी। जो कि अफगानिस्तान और म्यांमार जैसे देशों से भी नीचे है। इस सूचकांक में सबसे नीचे यानी 180वें नंबर पर उत्तर कोरिया है। पैरिस स्थित रिपोर्ट्स के अनुसार भारत 2017 के बाद दो रैंक नीचे आ गया है। जब इस इंडेक्स की शुरुआत साल 2002 में हुई थी तो भारत का स्थान 139 में से 80 था।

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