छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर में शनिवार को नक्सलियों ने 700 से अधिक जवानों को घेर कर हमला किया, इस हमले के बाद नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हो गए हैं। जिस गांव में घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने जवानों पर हमला बोला, उस गांव के लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, टेकलागुडम गांव शनिवार को नक्सलियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई मुठभेड़ में गोलीबारी का केंद्र रहा था। 20 वर्षीय मांगडु बर्से उन लोगों में से एक है, जो उस दिन देर से लौटा था। उसने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर पीटने का आरोप लगाया। 20 वर्षीय मांगडु बर्से नाम का युवा चारपाई पर लेटा था, जिसने अपने नीचे होंठ को हाथ की मदद से खोलकर चार टूट हुए दांतों को दिखाया।
इसलिए जंगल में भागे लोग
टेकलागुडम गांव के अन्य निवासी 29 वर्षीय भीमा कोर्सा ने बताया कि जब हमने पुलिसकर्मियों को देखा, तो हमने खुद को अपने घर में बंद कर लिया। उन लोगों के साथ मारपीट नहीं हुई। कुछ घंटों बाद हमें गोलीबारी का शोर सुनाई दिया, जिसके बाद हम वहां से भागे। मुठभेड़ के दौरान टेकलागुडम गांव के 150 से अधिक लोग जंगल में भाग गए। उन्होंने कहा कि हम लोगों को पुलिस और नक्सलियों के बीच हो रही गोलीबारी की चपेट में आने का डर था।
पुलिस प्रमुख ने कहा, आरोपों पर करेंगे गौर
पुलिस प्रमुख ने टेकलागुडम गांव के लोगों के आरोपों पर कहा कि वे इनकी सत्यता की पुष्टि करेंगे। बस्तर आई-जी पी सुंदरराज ने कहा कि वे इन आरोपों पर गौर करेंगे। उन्होंने कहा,''हमें ग्रामीणों को निशाना बनाए जाने की कोई जानकारी नहीं है, हमारे सुरक्षाकर्मी नक्सलियों से मुकाबला करने में लगे थे। फिर भी मैं आरोपों पर गौर करूंगा।''
बता दें कि छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर में शनिवार को नक्सलियों ने 700 से अधिक जवानों को घेर कर हमला किया। टेकलागुडम गांव में घात लगाकर किए गए हमले के बाद नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हो गए हैं और एक जवान अब भी लापता है। नक्सलियों ने दो दर्जन से अधिक सुरक्षाकर्मियों के हथियार भी लूट लिए।