मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई
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छत्तीसगढ़ ने अंतरराष्ट्रीय पोलो में एक नया इतिहास रचते हुए पहली बार मणिपुर में आयोजित 15वें मणिपुर अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर देश-विदेश के खेल मंच पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। 22 से 29 नवंबर 2025 तक चले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ की टीम ने अमेरिका, कोलंबिया और इंडियन पोलो एसोसिएशन सहित कई अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा की। यह अवसर इसलिए भी खास रहा क्योंकि भारत के इतिहास में पहली बार किसी राज्य को अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए आमंत्रित किया गया था।
अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट से लौटे खिलाड़ियों ने रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में मुलाकात की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। उन्होंने खिलाड़ियों को आगे भी उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखने की प्रेरणा दी और कहा कि आदिवासी युवाओं में खेल की अद्भुत क्षमता है, जिस पर राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में घुड़सवारी और पोलो को बढ़ावा देने के लिए राज्य में बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएँ विकसित की गई हैं, जिनका परिणाम आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिख रहा है।
इस उपलब्धि के पीछे कई संस्थाओं का संयुक्त प्रयास रहा। छत्तीसगढ़ शासन, भारतीय सेना (एनसीसी), दंतेवाड़ा और कांकेर जिला प्रशासन तथा ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी ने मिलकर टीम को तैयार किया। इसी प्रशिक्षण के चलते खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता सिद्ध की।
टीम में लेफ्टिनेंट कर्नल अमन सिंह, लांस नदिम अली (सेवानिवृत्त), वेदिका शरण, चित्रभानु सिंह, सैमुअल विश्वकर्मा, गोलू राम कश्यप, सुभाष लेकामि और देवकी कड़ती शामिल थे। इससे पहले भी वेदिका शरण ने सितंबर 2025 में बेंगलुरु में आयोजित घुड़सवारी की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत में दूसरा और विश्व स्तर पर 15वां स्थान हासिल किया था।