छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल। (file photo)
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को कहा कि लड़कियों के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना शुरू की जाएगी जिसके तहत मजदूरों की पहली दो बेटियों को उनकी शिक्षा और रोजगार के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। राज्य सरकार अपने कर्मचारियों की कार्य कुशलता और उत्पादकता बढ़ाने के लिए पांच दिवसीय सप्ताह की कार्यप्रणाली भी लागू करेगी। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में मुख्यमंत्री के हवाले से कहा गया है कि कर्मचारी अंशदायी पेंशन योजना के तहत राज्य सरकार का योगदान 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया जाएगा।
सीएम बघेल 73वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद जगदलपुर के लालबाग परेड मैदान में आयोजित एक समारोह में बोल रहे थे। जगदलपुर बस्तर जिले का मुख्यालय है, जो राज्य की राजधानी रायपुर से 300 किमी दूर स्थित है। विज्ञप्ति में बघेल के हवाले से कहा गया है कि मजदूर परिवारों की बेटियों को शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और शादी में सहयोग देने के लिए राज्य में मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना (मुख्यमंत्री बालिका अधिकारिता सहायता योजना) शुरू की जाएगी।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि नई योजना के तहत छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकृत मजदूरों की पहली दो बेटियों में से प्रत्येक के बैंक खाते में 20-20 हजार रुपये की राशि जमा की जाएगी। सीएम ने कहा कि राज्य के हर जिले में 'महिला सुरक्षा प्रकोष्ठ' का गठन किया जाएगा। बघेल ने यह भी कहा कि सभी अनियमित भवन निर्माणों को नियमित करने के लिए इस वर्ष एक सरल और पारदर्शी कानून बनाया जाएगा और आवासीय क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों को नियमित करने के लिए जरूरी प्रावधान किए जाएंगे।