छत्तीसगढ़ की 90 सीटों के लिए दो चरण (12 और 20 नवंबर) में मतदान होना है। सूबे में पिछले तीनों चुनावों में दोनों प्रमुख पार्टियों भाजपा और कांग्रेस ने कुल 56 महिलाओं को टिकट दिया। भले ही महिलाओं को टिकट देने में कांग्रेस आगे रही हो, लेकिन जीत का प्रतिशत भाजपा की महिला उम्मीदवारों का ज्यादा है।
अबतक कांग्रेस ने 30 और भाजपा ने 26 टिकट महिलाओं को दिए। कांग्रेस में 9 महिलाएं जीतीं, जबकि भाजपा के टिकट पर 26 में से 16 महिलाओं के हाथ जीत लगी। भाजपा में महिलाओं का विनिंग रेट 61% रहा और कांग्रेस में 30% रहा। अन्य दलों से 174 महिलाएं मैदान में उतरीं, लेकिन सिर्फ एक को जीत हासिल हो सकी।
बात करें अगर इस बार के चुनावों की तो भाजपा ने 14 महिलाओं को टिकट दिया है, जबकि कांग्रेस ने 13 महिलाओं पर भरोसा जताया है। सिर्फ तीन सीटों तखतपुर, सिहावा और सारंगढ़ पर महिला प्रत्याशी आमने-सामने हैं। 2013 में भरतपुर-सोनहट, सारंगढ़ और दुर्ग ग्रामीण पर ही महिलाओं के बीच मुकाबला देखने को मिला था।
राज्य की सारंगढ़ एक मात्र सीट है, जहां मतदाताओं ने हमेशा महिला उम्मीदवार भरोसा जताया। 2003 में इस सीट से कमदा जोल्हे जीतीं। इसके बाद 2008 में कांग्रेस की पदमा मनहर को लोगों ने चुना। वहीं, 2013 में भाजपा की केराबाई मनहर इस सीट से जीती थीं ।