Chhattisgarh BJP president; Tokhan Sahu: छत्तीसगढ़ बीजेपी में आगामी दिनों में नया बदलाव देखने को मिल सकता है। उलटफेर की संभावना है। राजनीतिक हलचलों के बीच केंद्रीय राज्य मंत्री और बिलासपुर सांसद तोखन साहू को दिल्ली बुलाया गया है। ऐसे में प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। राजनीतिक हलचल तेज है।
Chhattisgarh BJP president; Tokhan Sahu: छत्तीसगढ़ बीजेपी में आगामी दिनों में नया बदलाव देखने को मिल सकता है। राजनीतिक हलचलों के बीच केंद्रीय राज्य मंत्री और बिलासपुर सांसद तोखन साहू को दिल्ली बुलाया गया है। विधानसभा चुनाव से ठीक ढाई साल पहले सियासी गलियारे में इस बात की चर्चा है कि साहू को छत्तीसगढ़ बीजेपी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है। क्योंकि वर्तमान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव सड़क हादसे में घायल हैं और वे स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। ऐसे में ये कयास लगाये जा रहे हैं कि साहू को छत्तीसगढ़ बीजेपी की कमान सौंपी जा सकती है।
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पिछले दिनों तोखन साहू ने प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनके नाम की चल रही चर्चाओं के बीच बड़ा बयान देते हुए कहा कि वे बीजेपी के एक छोटे से कार्यकर्ता हैं। पार्टी जो आदेश देती है उसे निभाते हैं। पार्टी ने मुझे जब-जब जो जिम्मेदारी दी, उसे मैंने पूरी तरह से निभाया है। पार्टी का हर फैसला मुझे स्वीकार है। मौजूदा वक्त में जो भी निर्णय पार्टी की ओर से लिया जाएगा, उसे मैं सहर्ष स्वीकार करुंगा और पूरी ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारी को निभाऊंगा।
इन नामों पर भी चर्चा
राजनीति गलियारे में इस बात की चर्चा है कि छत्तीसगढ़ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पद के लिये तोखन साहू के साथ ही पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और कुरूद विधायक अजय चंद्राकर के नाम पर भी चर्चा चल रही है। हालांकि अंतिम निर्णय बीजेपी हाइकमान को लेना है।
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बीजेपी का साहू समाज पर फोकस
राजनीतिक पंडितों की मानें तो बीजेपी का पूरा फोकस साहू समाज पर है। क्योंकि प्रदेश में साहू समाज की आबादी बड़ी संख्या में है। साहू समाज सरकार बनाने और गिराने दोनों में अहम पैठ रखता है। इसलिये राज्य में चाहे बीजेपी का सरकार हो या कांग्रेस की साहू समाज का वर्चस्व बरकरार रहा है। इसलिये साय सरकार में भी बीजेपी के 10 सांसदों में से बिलासपुर सांसद तोखन साहू को ही पीएम नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में राज्य मंत्री बनाया गया। छत्तीसगढ़ में तोखन साहू से भी कई दिग्गज और अनुभवी नेता थे, लेकिन साहू समाज के वोट बैंक की समीकरण की वजह से तोखन साहू को ही मोदी सरकार में तवज्जो दिया गया और एक बार फिर उन्हें नई जिम्मेदारी दिये जाने की कयास लगाये जा रहे हैं।
ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं: हेमंत पाणिग्रही
दूसरी ओर छत्तीसगढ़ बीजेपी के मीडिया प्रभारी हेमंत पाणिग्रही ने इससे साफतौर पर इंकार किया है। उन्होंने कहा कि कतिपय मीडिया संस्थानों में भाजपा के प्रदेश नेतृत्व में बदलाव से संबंधित चल रही खबर निराधार है। ऐसा कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने इस तरह की खबरों का खंडन किया है।