महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे के नाम में 'जी' लगाने के बाद छत्तीसगढ़ के भाजपा विधायक नेता अजय चंद्राकर विवादों में आ गए हैं। विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन भाजपा नेता चंद्राकर ने गांधी पर चर्चा करते हुए 'गोडसे जी' कह डाला। इस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उनपर तंज कसा कि दिखावे का नकाब उतर गया। वहीं, अजय चंद्राकर ने कहा कि मृत व्यक्ति के प्रति सम्मान दिखाने का ये उनका तरीका है।
सीएम भूपेश बघेल ने अपने भाषण में कहा कि 'गोडसे जी' वाले बयान की निंदा की जानी चाहिए और उसके खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाये जाने चाहिए। इस पर चंद्राकर ने कहा कि अगर सीएम गोडसे की विचारधारा जानना चाहते हैं तो पहले उन्हें यह साफ कर देना चाहिए कि ये सत्र महात्मा गांधी जी के लिए है या गोडसे?
पूर्व मंत्री चंद्राकर ने ये भी कहा कि बघेल अगर चाहें तो छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र एक दिन के लिए और बढ़ा सकते हैं ताकि गोडसे पर चर्चा हो सके।
सीएम बोले- सावरकर के चेले थे गोडसे
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा था कि वे भाजपा और आरएसएस के महात्मा गांधी को सम्मान देने की बात तभी मानेंगे जब वे 'गोडसे मुर्दाबाद' कहना शुरू कर देंगे। बघेल ने कहा कि गोडसे दरअसल वीर सावरकर के चेले थे और गांधी की हत्या में एक भूमिका सावरकर की भी रही।
बघेल ने मीडिया से कहा कि गोडसे असल में सावरकर का चेला था। यह ऐतिहासिक तथ्य है और इससे कोई इनकार नहीं कर सकता। सावरकर भी गांधी की हत्या की योजना के एक भाग थे और इससे कोई इनकार नहीं करेगा।