छत्तीसगढ़ से भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय के ड्यूटी कमांडर गार्ड (APC) ने नौकरी का झांसा देकर 5 लाख रुपए ठग लिए। आरोप है कि APC ने एक जवान के बेटे को पुलिस में नौकरी लगवाने का वादा किया था। इसके बदले में नगदी और चेक से रुपए लिए गए। नौकरी नहीं लगने पर जब रुपए वापस मांगे तो आरोपी टाल-मटोल करने लगा। इसके बाद रायपुर के गंज थाने में धोखाधड़ी की FIR दर्ज कराई गई है।
पिता से मिलने गया तो हुई आरोपी से पहचाान
जानकारी के मुताबिक, साल 2017-18 में छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में भर्ती के लिए वेकैंसी निकली थी। इसमें सत्यम विहार कॉलोनी निवासी विजय कुमार साहू ने भी आवेदन किया था। विजय के पिता रामवतार साहू भी CAF की 9वीं बटालियन में APC हैं। उनकी ड्यूटी रायपुर सेंट्रल जेल में लगी थी। ऐसे में विजय उनसे मिलने और लाने-ले जाने के लिए आता-जाता था। इस दौरान उसकी मुलाकात पूर्व सांसद विष्णुदेव साय के बंगले में तैनात APC विनोद गुप्ता से हुई।
ऊंची पहुंच का झांसा देकर लिए रुपए
विनोद तीसरी बटालियन सी कंपनी में पदस्थ था। विनोद को जब पता चला कि विजय ने पुलिस भर्ती के लिए आवेदन किया है तो उसने नौकरी लगवाने का दावा किया। आरोप है कि विनोद ने विजय से कहा कि पुलिस भर्ती में पैसे और पहुंच की जरूरत पड़ती है। उसने पुलिस विभाग के अफसरों सहित नेता-मंत्रियों से पहचान की बात कही। साथ ही नौकरी लगवाने के लिए 5 लाख रुपए मांगे। उसकी बातों में आकर विजय ने 3.30 लाख रुपए नगद और डेढ़ लाख का चेक दे दिया।
रुपए मांगे तो बोला कि खर्च हो गए
जब भर्ती परीक्षा का परिणाम आया तो उसमें विजय का नाम नहीं था। इस पर विजय ने विनोद से उसके रुपए लौटाने के लिए कहा। विनोद ने रुपए खर्च करने हो जाने की बात कही। इस पर विजय घर लौट आया। इसके बाद जब भी रुपए मांगता तो विनोद टाल जाता। काफी समय बीतने के बाद भी जब रुपए नहीं मिले तो विजय ने दबाव बनाया। आरोप है कि इस पर विनोद ने उसे झूठे केस में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देने लगा। इस पर विजय डर गया और फिर पुलिस के पास पहुंचा।
और लोगों से भी विनोद ने की ठगी
विजय ने पुलिस को बताया कि उसे पता चला कि विनोद ने भिलाई के खुर्सीपार में सेक्टर- 11 निवासी माधव यादव से भी पुलिस की नौकरी दिलाने के नाम पर पांच लाख रुपए ठगे हैं। पुलिस ने बताया कि विजय ने विनोद को साय के बंगले में पदस्थ होने और मंत्रियों के आने-जाने पर सोचा कि वह नौकरी की सिफारिश कर सकता है। रुपए देने के लिए विजय के पिता ने बैंक से तीन लाख रुपए पर्सनल लोन भी लिया था। बाकी के रुपए का चेक उसने विनोद को देने की बात कही है।