छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नाम के एलान के साथ ही मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रहा सस्पेंस खत्म हो गया है। कार्यकर्ताओं में जान फूंककर प्रदेश से रमन सरकार को उखाड़ फेंकने में बघेल ने बड़ी भूमिका निभाई, उसका श्रेय उन्हें बखूबी मिला है। इस बार के विधानससभा चुनावों में पाटन सीट से बघेल ने 51.87 फीसदी वोट हासिल करके भाजपा के मोतीलाल साहू को 27,477 वोटों से हराया।
बघेल प्रदेश के तीसरे मुख्यमंत्री के रूप में सोमवार को शपथ लेंगे। बघेल पहले विधायक और फिर बाद में मुख्यमंत्री बनने वाले छत्तीसगढ़ के पहले नेता है।
अजीत जोगी (कांग्रेस)
2000 में राज्य के गठन के बाद छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनी और अजीत जोगी राज्य के पहले मुख्यमंत्री बने। 2001 में हुए उपचुनाव में मरवाही विधानसभा सीट से जीत हासिल करके जोगी विधानसभा पहुंचे।
रमन सिंह (भाजपा)
2003 में प्रदेश में पहली बार चुनाव हुए। 90 विधानसभा सीटों में से 50 सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की। भाजपा ने रमन सिंह के नेतृत्व में चुनाव लड़ा था, जीत का सेहरा भी उन्हीं के माथे सजा और वह मुख्यमंत्री बने। 2004 में उपचुनाव में राजनांदगांव सीट से जीत हासिल करके वह विधानसभा पहुंचे। रमन सिंह के नाम सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड दर्ज है।
भूपेश बघेल ( कांग्रेस)
अक्टूबर में प्रदेश कांग्रेस की कमान संभालने के बाद बघेल रमन सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर बनाने में कामयाब रहे। इस बार वह पाटन सीट से जीतकर विधायक बने। बघेल प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री होंगे।